Union Agriculture Minister ने Lok Sabha में प्रतिबद्धता जताई कि किसान को हर हाल में उचित दाम मिलेगा

Union Agriculture Minister ने Lok Sabha में प्रतिबद्धता जताई कि किसान को हर हाल में उचित दाम मिलेगा

रिकॉर्ड MSP खरीदी, सीधी मदद तथा Digital Farmer ID से किसानों को त्वरित राहत- श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्लीः केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोकसभा में स्पष्ट कहा कि PM के नेतृत्व में केन्द्र सरकार हर परिस्थिति में किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्नदाता को संकट से उबारने के लिए किसी भी स्तर पर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने MSP पर रिकॉर्ड खरीदी, PM आशा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से किसान की आय को मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है और कई किसानों की आय दोगुनी हुई है।

लोकसभा में सांसदों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन में लगभग 44 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और किसानों की उत्पादकता तथा आमदनी को समानांतर रूप से बढ़ाने का व्यापक अभियान चलाया गया है। श्री चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के नाम पर सिर्फ बहाने बनाए गए, यहाँ तक कि यह तक कहा गया कि लागत से 50 प्रतिशत अधिक  MSP देने से बाज़ार विकृत हो जाएगा। इसके विपरीत, नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत लाभ को ध्यान में रखकर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का निर्णय लिया और लगातार उसे लागू किया है, जिससे किसान को उसकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिल सका है।

केन्द्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल MSP घोषित कर देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उस पर वास्तविक खरीदी कराना ज़्यादा महत्वपूर्ण है, और इस दिशा में सरकार ने गेहूँ, धान, दलहन और तिलहन के साथ साथ विभिन्न फसलों की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों तक के लिए भी सक्रिय हस्तक्षेप कर रही है, ताकि किसी भी फसल के दाम गिरने पर किसान को नुक़सान न उठाना पड़े।

श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान– पीएम आशा योजना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके अंतर्गत उन फसलों को सुरक्षा दी जाती है जिनके दाम अक्सर एमएसपी के नीचे चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम आशा के तहत तीन प्रकार की व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं– Price Support Scheme के माध्यम से दलहन और तिलहन की सीधी खरीद, मूल्य अंतर भुगतान व्यवस्था के जरिए एमएसपी और बाजार भाव के बीच की खाई को पाटना, और जरूरत पड़ने पर अन्य माध्यमों से भी किसानों को संरक्षण देना।

महाराष्ट्र के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि हाल की प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्य सरकार ने केंद्र की नीति समर्थित डिजिटल व्यवस्था का भरपूर उपयोग किया और मात्र पाँच दिनों के भीतर फार्मर आईडी के माध्यम से 14,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में भेजकर त्वरित राहत पहुँचाई। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकारें एसडीआरएफ जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से फसल क्षति की भरपाई करती हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमा कवरेज और मुआवजा दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है।

श्री चौहान ने सोयाबीन सहित दलहन और तिलहन की फसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दाम गिरने की स्थिति में सरकार केवल खरीद पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि भावांतर जैसी व्यवस्था के माध्यम से MSP और Market Price के बीच की पूरी की पूरी राशि सीधे किसान के खाते में डालने का विकल्प भी अपनाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भावांतर भुगतान योजना के जरिए बिना लाइन में लगवाए, बिना अतिरिक्त लॉजिस्टिक लागत के, किसानों की आय को संरक्षण दिया गया है, और यही मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने Market Intervention Scheme (एमआईएस) के माध्यम से जल्दी खराब होने वाले फल और सब्ज़ियों के लिए भी एक मॉडल रेट तय कर, या तो सीधे खरीद की व्यवस्था की है या फिर मॉडल रेट और बाज़ार भाव के अंतर को किसान के खाते में जमा करने का निर्णय किया है। अंगूर, मिर्च, आलू, प्याज़, टमाटर जैसी उत्पादों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के क्षेत्र में दाम बहुत कम हों और किसान अपना माल बड़े शहरों की मंडियों तक ले जाना चाहें, तो ऐसे मामलों में परिवहन लागत तक का भार केंद्र सरकार उठा रही है, जिससे किसान दूर की मंडियों में बेहतर दाम प्राप्त कर सकें।

लोक सभा में जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि किसान का पूरा उत्पाद ढंग से खरीदा जाए, इसके लिए एफसीआई, नेफेड, राज्य सरकारों की एजेंसियां और अन्य संस्थाएँ समन्वित ढंग से काम कर रही हैं और जहाँ जितने खरीद केंद्रों की आवश्यकता है, वहाँ उसी के अनुसार केंद्र खोले जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन की पारदर्शिता और सटीकता पर जोर देते हुए शिवराज सिंह ने बताया कि हर पंचायत स्तर पर फसल कटाई प्रयोग (crop cutting experiments) किए जाते हैं और प्रत्येक क्लस्टर/पंचायत में ऐसे चार प्रयोग अनिवार्य रूप से कराए जाते हैं, ताकि उपज के आंकड़ों के अनुमान में किसी प्रकार की शंका न रहे। उन्होंने कहा कि अब टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग करते हुए सैटेलाइट आधारित रिमोट सेंसिंग की पद्धति भी अपनाई गई है, जिससे वास्तविक उपज और नुकसान का बेहतर आकलन हो सके और बीमा दावों का भुगतान अधिक वैज्ञानिक और निष्पक्ष आधार पर किया जा सके; नई फसल बीमा व्यवस्था में इसका लाभ सीधे किसानों को मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में किसानों ने कुल लगभग 36,055 करोड़ रुपये का प्रीमियम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जमा किया है, जिसके बदले में लगभग 1,92,477 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि किसानों के खातों में जमा की गई है; यह इस बात का प्रमाण है कि योजना किसानों के पक्ष में अत्यंत लाभकारी रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले स्थानीय स्तर की आपदा या किसी एक किसान की फसल क्षति सामान्यतः कवर नहीं मानी जाती थी और मुख्यतः तहसील/ब्लॉक इकाई पर आकलन होता था, लेकिन अब प्रावधान बदलकर यह सुनिश्चित किया गया है कि यदि किसी एक किसान की फसल भी क्षतिग्रस्त हो और उपज के आंकड़े इसे साबित करें, तो उसके नुकसान की भरपाई भी PM Fasal Bima Yojana के माध्यम से की जाएगी; कोई भी किसान बीमा सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल कागज़ी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू किए गए ठोस कदम हैं, जिसका सीधा लाभ किसानों की आय और सुरक्षा में दिखाई दे रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यह मोदी जी की सरकार, किसान हितैषी सरकार है, जो हर संकट में अन्नदाता और जीवनदाता किसान के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालत में किसान को उसके पसीने की पूरी कीमत देने के संकल्प से कभी पीछे नहीं हटेंगे; किसान की मेहनत और सम्मान की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

(Source: Input from ICAR) 

Sanjay Sharan

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