नई दिल्ली । Lok Sabha लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी के कारण शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा नहीं हो सकी।
यह दिन में तीसरी बार कार्यवाही स्थगित होने की घटना थी। Union Government द्वारा प्रश्न पत्र लीक रोकने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के बाद सदन में विपक्षी सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के कारण बार-बार व्यवधान उत्पन्न हुआ।
सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए Lok Sabha Speaker ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और नारेबाजी तथा तख्तियां दिखाने के बजाय चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया।
विधेयक के महत्व पर बल देते हुए श्री बिरला ने कहा कि इस पर 91 संशोधन प्रस्तुत किए गए हैं और उन्होंने इस पर छह घंटे की विशेष चर्चा का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि यदि “सदन की भावना” होगी तो चर्चा का समय और भी बढ़ाया जा सकता है।
Speaker ने प्रस्तावित विधेयक को देश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रश्न पत्र लीक पर रोक लगाना और सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
श्री बिरला ने कहा, “सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है और इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक पर रोक लगाना है। आपको इस मुद्दे पर अपने विचार रखने चाहिए, न कि नारेबाजी करनी चाहिए; आपको सदन में इस विषय पर चर्चा करने के लिए चुना गया है।”
चर्चा के लिए समय आवंटित करने पर अध्यक्ष का धन्यवाद देते हुए Minister of Parliamentary Affairs किरेन रिजिजू ने सवाल किया कि जब इस विधेयक पर कई सदस्यों ने संशोधन नोटिस दिए हैं, तो विपक्ष चर्चा क्यों नहीं होने दे रहा है।
श्री रिजिजू ने कहा कि इतने सारे संशोधन नोटिस प्राप्त हुए हैं। इसका मतलब है कि अनेक सदस्य इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपने विचार रखना चाहते हैं। आपने भी पर्याप्त समय देने की इच्छा व्यक्त की है। फिर वे (विपक्ष) चर्चा रोकने के लिए नारेबाजी क्यों कर रहे हैं? मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।
उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र Parliament की कार्यवाही पर नजर रखे हुए हैं और उनका मानना है कि इस चर्चा में देरी होने से परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से निपटने के प्रति सदन की प्रतिबद्धता के बारे में “बहुत गलत संदेश” जाएगा।
श्री रिजिजू ने विपक्ष से विधेयक पर चर्चा होने देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उतनी देर तक चर्चा के लिए तैयार है, जितना समय अध्यक्ष आवश्यक समझें।
सदन की कार्यवाही स्थगित करने से पहले श्री बिरला ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से परामर्श कर आम सहमति बनाने का आग्रह किया ताकि दिन में बाद में इस विधेयक पर चर्चा शुरू की जा सके।
श्री बिरला ने कहा कि मैं सभी प्रमुख दलों के नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस विषय पर चर्चा करें और आम सहमति बनाएं। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर चर्चा हो। मैं आपको आज तीन घंटे और दे रहा हूं। सरकार और सभी दल शाम 5 बजे तक आम सहमति बना लें ताकि उस समय इस विधेयक को चर्चा के लिए लिया जा सके।
(Input from DD News)
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