PM । Catch the Rain: पीएम मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला, नागरिकों से पानी की हर बूंद बचाने का किया आग्रह

PM । Catch the Rain: पीएम मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला, नागरिकों से पानी की हर बूंद बचाने का किया आग्रह

नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देशव्यापी Catch the Rain अभियान में बढ़ती जनभागीदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्षा की हर बूंद को संरक्षित करने की यह पहल व्यापक सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से गांवों और शहरों में समान रूप से गति पकड़ रही है।

अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड को संबोधित करते हुए PM ने पिछले प्रसारण में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपनी अपील को याद किया।

उन्होंने कहा कि पिछले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मैंने आपसे ‘कैच द रेन’ अभियान के बारे में बात की थी। मैंने अपील की थी कि वर्षा की हर बूंद को बचाने का यह अभियान जन आंदोलन बनना चाहिए।”

अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “'कैच द रेन' का संदेश बहुत सरल है: जहां और जब बारिश हो, वहीं उस पानी को संरक्षित करें। इसी उद्देश्य से 4 जुलाई से देशभर में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जलाशयों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नई गति दी जा रही है।”

PM ने देशभर से मिल रही उत्साहजनक प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर अत्यंत खुशी हो रही है कि गांव हों या शहर, पंचायतें हों या सामाजिक संगठन, हर जगह लोग बढ़-चढ़कर इस अभियान में भाग ले रहे हैं।”

अभियान के तहत किए जा रहे विभिन्न कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कहीं पुराने तालाबों से गाद निकाली जा रही है, तो कहीं कुओं और बावड़ियों का पुनर्जीवन किया जा रहा है। जो बोरवेल अब उपयोग में नहीं हैं, उन्हें भूजल पुनर्भरण के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने विभिन्न राज्यों के कई सफल उदाहरणों का भी उल्लेख किया, जहां स्थानीय समुदायों ने जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाई है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लगभग 1,500 तालाब बनाए गए हैं। नरसिंहपुर में ‘अमृत सरोवरों’ का पुनरुद्धार किया गया है। महाराष्ट्र के नासिक में जल भंडारण की उल्लेखनीय क्षमता विकसित की गई है। आंध्र प्रदेश के नंद्याल में सभी ग्राम पंचायतें इस अभियान से जुड़ गई हैं और पुराने तालाबों को फिर से उपयोगी बनाया गया है। हमारे शहर भी पीछे नहीं हैं; इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम कोरबा (छत्तीसगढ़), भुवनेश्वर (ओडिशा) और विजयनगरम (आंध्र प्रदेश) में भी दिखाई दे रहे हैं।

जल संरक्षण में योगदान देने का आह्वान करते हुए PM ने लोगों से अपने आसपास के जल स्रोतों के पुनर्जीवन की जिम्मेदारी लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आइए, हम भी अपने आसपास के किसी तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लें – पानी की हर बूंद बचाएं। आज बचाई गई हर बूंद आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।

(Input from DD News)

Sanjay Sharan

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