PM । Central Minister । Lakhpati Didi । CM । PMGSY - IV: केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में पीएमजीएसवाई - IV लॉन्च करके हज़ारों करोड़ के ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स की कि घोषणा

PM । Central Minister । Lakhpati Didi । CM । PMGSY - IV: केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में पीएमजीएसवाई - IV लॉन्च करके हज़ारों करोड़ के ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स की कि घोषणा

भोपाल/ नई दिल्लीः Central Minister श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरूंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के चौथे चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण सड़कों, आवास एवं आधारभूत संरचना विस्तार पर केन्द्रित हजारों करोड़ रुपये के बड़े विकास पैकेज की घोषणा भी की।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह में CM श्री मोहन यादव, केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी एवं कमलेश पासवान, राज्य के मंत्री, विधायक तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि गांवों की सड़कें “समृद्धि की रीढ़” हैं और ग्रामीण संपर्क शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजारों तथा रोजगार के अवसरों तक पहुंच सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि PM श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार गांवों, किसानों, महिलाओं और गरीबों के जीवन में ठोस और स्पष्ट बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

PMGSY-IV के तहत मध्य प्रदेश को 973 ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति मिली है, जिनकी कुल लंबाई 2,117.52 किलोमीटर है तथा जिसकी अनुमानित लागत 1,763.08 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से राज्य के 987 गांवों एवं बस्तियों को लाभ मिलने और ग्रामीण संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

विदिशा संसदीय क्षेत्र को अलग से 259 सड़कों की स्वीकृति मिली है, जिनकी कुल लंबाई 600 किलोमीटर से अधिक है और इससे 264 बस्तियों को लाभ पहुंचेगा। श्री चौहान ने घोषणा की कि विदिशा क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़कें बनाई जाएंगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि PMGSY के मानकों को पूरा करने वाला कोई भी गांव सड़क संपर्क से वंचित न रहे।

Central Minister ने PM-जनमन सड़क परियोजनाओं की 261.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी सौंपी। इसके अंतर्गत 384.34 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे विशेष रूप से पिछड़े और वंचित क्षेत्रों की 168 बस्तियों को लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए PMGSY के कुल 18,907 करोड़ रुपये के सांकेतिक केंद्रीय आवंटन में से मध्य प्रदेश को 830 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। श्री चौहान ने इसे राज्य में ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने वाला बड़ा प्रोत्साहन बताया।

Central Minister ने PM आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 2,055 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन भी CM श्री मोहन यादव को सौंपी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी गरीब परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। नए सर्वेक्षणों में चिन्हित पात्र लाभार्थियों को भौतिक सत्यापन के बाद आवास सहायता प्रदान की जाएगी।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए श्री चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से “Lakhpati Didi” पहल को और तेज किया जाएगा, ताकि महिलाओं को आय सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा सके।

किसानों के मुद्दों पर कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि गेहूं खरीद कार्यों के दौरान किसी भी पात्र किसान के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लंबित सत्यापन प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी और बिना किसी भेदभाव के खरीद जारी रहेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में सरकार अधिक किसान हितैषी व्यवस्था विकसित करने पर कार्य कर रही है।

CM श्री मोहन यादव ने श्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार क्षेत्र की विकास संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार के साथ समन्वय में कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई सभी व्यावहारिक मांगों को पूरा किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने नर्मदा जल को शेष गांवों तक पहुंचाने, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, स्थानीय सड़कों की स्वीकृति, भूमि पट्टा वितरण, शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना तथा मंदिर क्षेत्रों के आसपास सुविधाओं के विकास जैसी कई क्षेत्रीय मांगों पर सकारात्मक संकेत दिए।

केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बेहतर हुई है और आर्थिक विकास के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि PMGSY-IV दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में टिकाऊ एवं भविष्योन्मुख आधारभूत संरचना के माध्यम से संपर्क व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

कार्यक्रम में पिछले 25 वर्षों के दौरान PMGSY के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित भी किया गया। मध्य प्रदेश ने 90,766 किलोमीटर सड़क निर्माण के साथ बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि बिहार ने सर्वाधिक बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ने की श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया।

ग्रामीण सड़क निर्माण में हरित प्रौद्योगिकी के उपयोग की श्रेणी में गुजरात प्रथम स्थान पर रहा, जबकि तमिलनाडु और हरियाणा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को ग्रामीण सड़क रखरखाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों की श्रेणी में असम को PMGSY के तहत सर्वाधिक सड़क लंबाई पूरी करने और सबसे अधिक बस्तियों को जोड़ने के लिए सम्मानित किया गया।

PMGSY-IV का शुभारंभ देशभर में टिकाऊ, प्रौद्योगिकी आधारित एवं समावेशी ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास को बढ़ावा देने की दिशा में केन्द्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

(input from DD News)

 

Sanjay Sharan

Sanjay Sharan

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Comments ( 0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to comment!