नई दिल्लीः PM श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के चीनी सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रु. प्रति क्विंटल मंजूर किया है।
यह FRP 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर के आधार पर निर्धारित किया गया है। इस स्तर से ऊपर प्रत्येक 0.1 प्रतिशत रिकवरी वृद्धि पर किसानों को ₹3.56 प्रति क्विंटल का प्रीमियम मिलेगा, जबकि कम रिकवरी होने पर इसी अनुपात में कटौती लागू होगी।
किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम होगी, वहां FRP में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में किसानों को 338.3 रु. प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा।
स्वीकृत FRP वर्तमान 2025–26 सीजन की तुलना में लगभग 2.81 प्रतिशत अधिक है और उत्पादन लागत (182 रु. प्रति क्विंटल) से काफी ऊपर है। सरकार ने कहा कि नया FRP उत्पादन लागत से 100 प्रतिशत से अधिक है, जिससे किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होगा।
यह संशोधित मूल्य 2026–27 चीनी सीजन (अक्टूबर से सितंबर) के दौरान मिलों द्वारा गन्ने की खरीद पर लागू होगा।
आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों को लाभ मिलेगा, साथ ही चीनी मिलों और संबंधित उद्योगों में कार्यरत लगभग 5 लाख श्रमिकों को भी फायदा होगा।
FRP का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है, जिसमें राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों से परामर्श किया गया।
सरकार ने गन्ना भुगतान में प्रगति को भी रेखांकित किया। 2024–25 सीजन में 1,02,209 रु. करोड़ की देय राशि का लगभग 99.5 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। वहीं, चालू 2025–26 सीजन में 20 अप्रैल 2026 तक 99,961 रु. करोड़ की कुल देय राशि में से लगभग 88.6 प्रतिशत का भुगतान हो चुका है।
चीनी उद्योग एक प्रमुख कृषि-आधारित क्षेत्र है, जो ग्रामीण आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और परिवहन तथा कृषि श्रम जैसी सहायक गतिविधियों के व्यापक नेटवर्क को भी समर्थन प्रदान करता है।
(Input from DD News)
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