नई दिल्लीः BRICS कृषि कार्य समूह की बैठक MP के इंदौर में शुरू हो गई है और यह 11 जून तक चलेगी। इस बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधि सतत कृषि, खाद्य सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं।
एक विशेष बातचीत में कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू ने बैठकों के मुख्य एजेंडे की जानकारी दी। चर्चा के प्रमुख विषयों पर बोलते हुए श्री साहू ने कहा कि कृषि ब्रिक्स देशों के लिए एक महत्वपूर्ण एजेंडा है, क्योंकि ये देश कृषि उत्पादों के प्रमुख उत्पादक और उपभोक्ता हैं तथा संयुक्त रूप से विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने कहा कि बैठक में वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विचार किया जाएगा और यह भी चर्चा होगी कि भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृषि का विकास किस प्रकार किया जा सकता है। साथ ही, इस क्षेत्र को उभरती चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु आवश्यक नीतियों और कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्मार्ट कृषि के महत्व पर श्री साहू ने कहा कि प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण सक्षम साधन है और ऐसा प्रमुख हस्तक्षेप है जो देशों को वर्तमान चुनौतियों से निपटने में सहायता कर सकता है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न देश कृषि क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपना रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत पहले ही एग्रीस्टैक (AgriStack) शुरू कर चुका है और अपने डिजिटल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत एआई-सक्षम भारत विस्तार पहल सहित कई पहलें संचालित कर रहा है। श्री साहू ने कहा कि अन्य BRICS देश भी इन प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे तकनीकी सहयोग बैठकों में चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
(Input from PB Shabd)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!