UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने खेती-किसानी को बिचौलियों से मुक्त कर पारदर्शी बनाने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री अभियान' शुरू किया है. यह अभियान 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य हर किसान को एक यूनिक 'डिजिटल आईडी' देना है. भविष्य में पीएम-किसान सम्मान निधि (PM Kisan), एमएसपी (MSP) पर फसल खरीद एवं कृषि सब्सिडी का फायदा केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास यह रजिस्ट्री होगी।
Farmer Registry के बारे में
फार्मर रजिस्ट्रेशन एक डिजिटल पहचान बनाने की प्रक्रिया है, जिसमें किसान अपनी पहचान, जमीन के साथ-साथ खेती से जुड़ी जानकारी सरकारी पोर्टल पर दर्ज करते हैं. जहां किसानो के रिकार्ड को सुरश्रित रखा जाता जिसके आधार पर किसान को एक यूनिक आईडी मिलती है, जिसके जरिए वह अलग-अलग स्कीम का फायदा लेने के लिए बार बार रजिस्ट्रशन न करना पड़े।
Farmer Registry की आवश्यकता क्यो पड़ी
सरकार का उद्देश्य किसानों को एकीकृत प्लेटफॉर्म देना है, जहां से वे बीज, खाद, सब्सिडी, बीमा और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं आसानी से प्राप्त कर सकें.
इसके साथ ही, भविष्य में आने वाली योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी यह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता जा रहा है.
Farmer Registry के लाभ
सरकारी योजनाओं का सीधा फायदाः रजिस्ट्रेशन के बाद किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana), फसल बीमा (Fasal Bima) और अन्य योजनाओं का फायदा सीधे अपने बैंक खाते में पा सकते हैं. इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पारदर्शिता बढ़ती है.
आसान और सस्ता कृषि लोनः रजिस्टर्ड किसानों को बैंकों से कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य कृषि ऋण आसानी से मिल जाते हैं. इससे खेती के लिए पूंजी की समस्या कम होती है.
उचित मूल्य और बाजार तक पहुंचः रजिस्ट्रेशन से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ई-नाम (e-NAM) जैसे प्लेटफॉर्म का फायदा मिलता है. इससे वे अपनी फसल बेहतर दाम पर बेच सकते हैं.
कृषि इनपुट पर सब्सिडीः बीज, उर्वरक, कीटनाशक और कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे किसानों तक पहुं
डिजिटल रिकॉर्ड और पारदर्शिताः फार्मर रजिस्ट्रेशन से किसान की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है, जिससे भविष्य में किसी भी योजना का फायदा लेना आसान हो जाता है.
Farmer Registry कहां से करवाएं
किसान भाई फार्मर रजिस्ट्री के लिए जरूरी दस्तावेजों जैसे- आधार कार्ड, खतौनी की फोटो कॉपी (भूमि रिकॉर्ड) और आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए) के साथ जनसेवा केंद्रों/ मोबाइल ऐप/ सेल्फ ऐप/कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों/क्षेत्र के लेखपान से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री करा लें.
या आधिकारिक वेबसाइट AgryStack पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री खुद भी बना सकते हैं.
Farmer Registry में सहायक डॉक्यूमेट्सः
आपको अपने साथ केवल तीन मुख्य चीजें रखनी हैं-
• आधार कार्ड
• खतौनी (भूमि रिकॉर्ड की फोटो कॉपी)
• आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP वेरिफिकेशन के लिए)
क्या सावधानी रखा जाय
प्रदेश में किसान भाई अपने स्वामित्व के समस्त खेतों/गाटों/खतौनियों को फार्मर रजिस्ट्री से जरूर जुड़वाएं.
आगामी समय में समस्त कृषि एवं सहवर्ती विभागीय योजनाओं में अनुदान पाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होगी.
सरकार का विशेष अभियानः
राज्य सरकार द्वारा इस विशेष अभियान के माध्यम से प्रत्येक गांव में, कैंप के माध्यम से तथा सरकारी महकमें के सहयोग से, रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। जिससे अधिक से अधिक किसान इस मुहिम से जुड़कर अपना एकल डिजिटल पहचान प्राप्त कर सके। साथ ही इसका उद्देश्य काफी व्यापक है। सरकार किसी भी किसान को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रखना चाहती है, खास कर सीमांत किसानों को।
(Input from My Schemes)
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