नई दिल्ली । Central Agriculture Minister श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि सरकार El Nino के कारण कमजोर मानसून के संभावित प्रभाव से किसानों को निपटने में मदद करने के लिए खरीफ मौसम की अग्रिम तैयारियां कर रही है। नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि देश में अब तक लगभग 43 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है और जुलाई में भी मानसून कमजोर रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि लगभग 315 जिले सामान्य से कम वर्षा से प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें 111 उच्च प्राथमिकता वाले जिले शामिल हैं, जहां सिंचाई की सुविधाएं बहुत सीमित हैं और सिंचाई कवरेज 25 फीसदी से भी कम है। इसके अलावा, 76 जिले मध्यम प्राथमिकता श्रेणी में आते हैं, जहां सिंचाई कवरेज 25 से 50 फीसदी के बीच है, जबकि 128 जिलों को अपेक्षाकृत बेहतर सिंचाई सुविधाओं, जैसे बांधों और अन्य स्रोतों के कारण निम्न प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों का अधिकांश हिस्सा 12 राज्यों – मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा – में स्थित है।
श्री चौहान ने कहा कि राज्यों को दलहन, मोटे अनाज एवं तिलहन जैसी फसलों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है, जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है और जो कठिन परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रोटोकॉल, समयबद्ध फसल योजना और जिला स्तर की तैयारियों को राज्यों के साथ समन्वय कर मजबूत किया जा रहा है।
Central Agriculture Minister ने आगे कहा कि किसानों तक समय पर मार्गदर्शन पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों, एग्रोमेट इकाइयों और एसएमएस, व्हाट्सएप, कॉल सेंटर, रेडियो, टेलीविजन तथा सोशल मीडिया जैसे अन्य परामर्श माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि वास्तविक समय के आंकड़ों और फीडबैक की समीक्षा के लिए दिल्ली में निगरानी प्रकोष्ठ और मौसम निगरानी समूह स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बेहतर समन्वय के लिए राज्यों को नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्री चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि तैयारियां केवल फसलों और पानी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि किसानों की वित्तीय सुरक्षा भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संभावित रूप से प्रभावित जिलों में PM Fasal Bima Yojana के तहत कवरेज बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके। मंत्री ने कहा कि पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता, फसल बीमा के दायरे का विस्तार और किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के शीघ्र वितरण पर भी समान ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपर्याप्त वर्षा के कारण फसलों को नुकसान होने की स्थिति में ये कदम किसानों के नुकसान को कम करने में मदद करेंगे।
Central Agriculture Minister ने आगे कहा कि प्रभावित जिलों के लिए आकस्मिक योजनाएं पहले ही तैयार कर ली गई हैं, जिनमें वैकल्पिक फसलों, अल्प अवधि वाली किस्मों, फसल विविधीकरण और तालाबों, जलाशयों, चेक डैम, खेत तालाबों तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं जैसे उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है।
(Input from News on Air)
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