नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI) ने कहा है कि Global Uncertinity के बावजूद देश की वित्तीय स्थिरता के जोखिम नियंत्रण में बने हुए हैं, लेकिन बार-बार आने वाले बाहरी झटके वित्तीय परिस्थितियों को सख्त कर सकते हैं, व्यापक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं और इसका असर घरेलू वित्तीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
RBI ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि बाहरी चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी रही।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि मजबूत पूंजी प्रवाह चालू खाते के व्यापार घाटे से उत्पन्न होने वाले वित्तपोषण दबाव को कम करने में मदद कर सकता है।
RBI ने यह भी कहा कि घरेलू वित्तीय प्रणाली पर दबाव पिछले संकटों की तुलना में अपेक्षाकृत कम बना हुआ है।
भारत के मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी तत्व उसे अपने कई समकक्ष देशों की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में रखते हैं और पिछले संकटों की तुलना में बाहरी झटकों के प्रति अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं।
(Input from PB Shabd)
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