नई दिल्ली । PM GatiShakti National Master Plan ने आज पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश में एकीकृत अवसंरचना योजना और विकास में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
भारत के अवसंरचना परिदृश्य में बदलाव लाने के उद्देश्य से मास्टर प्लान को वर्ष 2021 में आज ही के दिन शुरू किया गया था। PM GatiShakti ने योजनाकारों को अवसंरचना, भौगोलिक विशेषताओं, आर्थिक क्षेत्रों और अन्य प्रासंगिक आंकड़ों को एक साथ देखने में सक्षम बनाया है, जिससे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए डेटा-आधारित योजना और निर्णय लेने में सहायता मिली है।
आज PM GatiShakti डिजिटल प्लेटफॉर्म 1,800 से अधिक डेटा लेयर्स को एकीकृत करता है, जिसमें 58 केन्द्रीय मंत्रालय और विभाग तथा सभी 36 राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इस प्लेटफॉर्म ने PM GatiShakti के सिद्धांतों के आधार पर लगभग 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 400 से अधिक अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है।
PM GatiShakti ने समन्वित निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करके और मल्टीमॉडल तथा लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करके अवसंरचना योजना के लिए संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण (Whole-of-Government Approach) स्थापित किया है।
भारत जैसे-जैसे Viksit Bharat 2047 के विजन की ओर आगे बढ़ रहा है, पीएम गतिशक्ति समन्वित अवसंरचना योजना, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।
(Input from PB Shabd)
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