पटना/गया। आईएमसी गया में लगभग 300 एकड़ ज़मीन के लिए 12 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव पर मुहर लगी। साथ ही बिहार बिज़नेस कनेक्ट 2027 के शुरुआती कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के राजदूत तथा दूतावासों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
बोधगया में बिहार के CM श्री सम्राट चौधरी ने आज बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) की औपचारिक शुरुआत की। इस कार्यक्रम में Bihar Business Connect 2027 के शुरुआती कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें राज्य की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को दर्शाया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आईएमसी गया में लगभग 300 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए संभावित निवेशकों के साथ 12 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना रहा। इन समझौतों के तहत लगभग 4,200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे 16,095 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित निवेश खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल पुर्जे, औषधीय उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य विनिर्माण गतिविधियों जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं।
इसमें लगभग 2,586 एकड़ भूमि शामिल थी, जिसके लिए कुल 31,750 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव के साथ विभिन्न क्षेत्रों के संभावित निवेशकों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया। इस निवेस से 52,050 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के दूतावासों के राजदूत और वरिष्ठ प्रतिनिधि, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) के प्रतिनिधि, उद्योग संघों के सदस्य और संभावित निवेशक शामिल थे। इसके अलावा, 55 देशों से बिहार फाउंडेशन चैप्टर के प्रतिनिधियों ने भी वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा लिया।
Union Minister for MSME श्री जीतन राम मांझी ने बिहार में औद्योगीकरण को मजबूत करने के लिए सरकार के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खास तौर पर विनिर्माण, एमएसएमई और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग मिलेगा।
इस दौरान, CM ने BIMCGL के लोगो का अनावरण किया और इसकी आधिकारिक वेबसाइट तथा एकीकृत भूमि आवंटन पोर्टल को लॉन्च किया। इसका मकसद निवेशकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना, पारदर्शिता लाना और औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
Deputy CM श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार और उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को समर्थन देने और निवेश को सुविधाजनक बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।
बता दें की गया जिले के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैले इस परियोजना को भारत सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंजूरी दी थी। जमीन की लागत सहित इसकी कुल लागत 1,339 करोड़ रुपये है। इससे लगभग 16,500 करोड़ रुपये का निवेश आने और करीब 1.10 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
एनएच-22 और एनएच-19 के पास इसकी रणनीतिक स्थिति और गया हवाई अड्डे से लगभग 39 किलोमीटर की दूरी, इसे प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केन्द्रों से जोड़ती है। लॉन्च के दौरान, इन सब की योजना बनाने में NICDC की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।
आईएमसी गया मुख्य रूप से कृषि-आधारित उद्योगों, कपड़ा और रेडीमेड कपड़ों, फर्नीचर, हस्तशिल्प और हथकरघा, तथा इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यहां तैयार किया जा रहा बुनियादी ढांचा बड़े निर्माताओं और एमएसएमई को सहयोग देगा, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देगा और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा।
Bihar Business Connect 2027 प्रारंभिक कार्यक्रम ने बिहार की निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने और संभावित निवेशकों, उद्योग संघों तथा अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान किया है। यह बिहार के औद्योगिक परिवर्तन के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में भी योगदान देगा।
(Input from PIB)
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