Uttarakhand । Lok Sabha Speaker । Van Panchayats । Medicinal Plants: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने सतत संरक्षण पर सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया, उत्तराखंड में समुदायों की भूमिका पर प्रकाश डाला

Uttarakhand । Lok Sabha Speaker । Van Panchayats । Medicinal Plants: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने सतत संरक्षण पर सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया, उत्तराखंड में समुदायों की भूमिका पर प्रकाश डाला

नई दिल्लीः Lok Sabha Speaker श्री ओम बिरला ने बुधवार को सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों की समन्वित एवं सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में सामुदायिक सहभागिता के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया प्रशासनिक अकादमी में वन पंचायतों, पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि जमीनी स्तर की संस्थाएं जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय शासन में अहम भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि Uttarakhand की पर्यावरण संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है और यहाँ की वन पंचायतें सामुदायिक वन प्रबंधन का सफल मॉडल हैं। ये संस्थाएँ न केवल वनों के संरक्षण और पुनर्जीवन में योगदान देती हैं, बल्कि आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी मजबूत करती हैं।

Van Panchayats को भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का मजबूत स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर उनका अनुभव अमूल्य है और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के समान महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से संवाद भी किया तथा वनाग्नि रोकथाम, संस्थागत सुदृढ़ीकरण तथा वित्तीय सहायता जैसे मुद्दों पर उनके सुझाव सुने।

प्राकृतिक संसाधनों की परस्पर जुड़ाव पर बल देते हुए श्री बिरला ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सतत संरक्षण तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय सक्रिय रूप से भाग लें, क्योंकि उनके पास गहरा पारंपरिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव है।

जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र  मोदी द्वारा सुझाई गई पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली दीर्घकालिक पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का सामुदायिक संरक्षण मॉडल दुनिया के लिए उदाहरण बन सकता है।

श्री बिरला ने योग और आयुर्वेद जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उत्तराखंड इन दोनों का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने स्थानीय निकायों के सहयोग से Medicinal Plants औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए शोध, मूल्य संवर्धन और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से समन्वय पर आधारित व्यापक कार्ययोजना बनाने का आह्वान किया।

Lok Sabha speaker ने राज्य में वन संरक्षण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और कहा कि उनकी भागीदारी सतत विकास पहलों को और मजबूत बनाती है।

स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का आश्वासन देते हुए उन्होंने जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल आजीविका और संतुलित विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता दोहराई।

इस अवसर पर सांसद श्री अजय भट्ट ने भी समुदाय आधारित पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे।

(Input from DD news)

Sanjay Sharan

Sanjay Sharan

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Comments ( 0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to comment!