नई दिल्लीः United Nations । World Economic Situation and Prospects । Growth Rate: वैश्विक संकट के बावजूद यूएन ने इस साल भारत की वृद्धि दर 6.4 फीसद रहने का लगाया अनुमान
United Nations के अनुसार, ईरान संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत इस वर्ष भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। United Nations ने भारत की Growth Rate 6.4 फीसद रहने का अनुमान जताया है।
विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं (World Economic Situation and Prospects) रिपोर्ट के मध्य-वर्षीय अपडेट पर पत्रकारों को जानकारी देते हुए United Nations के वरिष्ठ अर्थशास्त्री श्री इंगो पिटरले ने कहा कि भारत में मजबूत उपभोक्ता मांग, सार्वजनिक निवेश तथा सेवा निर्यात में वृद्धि अर्थव्यवस्था को लगातार सहयोग दे रहा है।
हालांकि रिपोर्ट में भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.6 फीसद से घटाकर 6.4 फीसद कर दिया गया है, लेकिन अगले वर्ष इसमें फिर से तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।
United Nations के आर्थिक विश्लेषण एवं नीति प्रभाग के निदेशक श्री शांतनु मुखर्जी ने भारत की विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था, संरचनात्मक सुधारों और कर राजस्व में सुधार को उसकी प्रमुख ताकत बताया।
United Nations की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के विविध ऊर्जा स्रोत, मजबूत रिफाइनिंग क्षमता, विशाल विदेशी मुद्रा भंडार एवं वित्तीय लचीलापन, मध्य-पूर्व में तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधानों के कारण बढ़ती तेल कीमतों के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
भारत के बाद चीन इस वर्ष 4.6 फीसद की वृद्धि दर के साथ दूसरी सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था रहेगा। हालांकि अगले वर्ष चीन की वृद्धि दर घटकर 4.5 फीसद रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान भी घटाकर 2.5 फीसद कर दिया गया है, जो ईरान युद्ध से पहले जनवरी में जारी अनुमान से 0.2 फीसद अंक कम आंका गया है।
(Input from News on Air)
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