नई दिल्ली । Union Home Minister अमित शाह ने आज कहा कि भारत की संस्कृति और साहित्य एक कमल के समान हैं, जिसमें प्रत्येक क्षेत्रीय भाषा उसकी एक पंखुड़ी का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि यदि एक भी पंखुड़ी खो जाती है, तो पूरे कमल की सुंदरता कम हो जाती है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति उचित सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करते हुए हिंदी को केन्द्रीय भूमिका निभानी चाहिए। श्री शाह नवी मुंबई में दो दिवसीय Hindi Diwas 2026 और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन के बाद बोल रहे थे।
Union Home Minister ने कहा कि हालांकि भारत में अनेक भाषाएं और बोलियां हैं, लेकिन भारतीय भावना और राष्ट्र की आवाज एक रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता देश की ताकत है और हिंदी विभिन्न भारतीय भाषाओं के बीच संवाद के एक प्रभावी सेतु के रूप में काम कर सकती है, जिससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी। उन्होंने महाराष्ट्र की बहुभाषी संस्कृति की भी सराहना की।
इस अवसर पर राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और योगदान के लिए ग्यारह संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। राजभाषा विभाग की मासिक पत्रिका, राजभाषा भारती का वंदे मातरम् पर केन्द्रित एक विशेष स्मारक अंक जारी किया गया और तीन पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
भारती बहुभाषी अनुवाद ऐप का उद्घाटन किया गया और भारतीय भाषाओं को समर्पित देश के पहले डेटा सेंटर भाषा कुंज का शुभारंभ किया गया।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के पांचवीं पीढ़ी के वंशज जॉयदीप चट्टोपाध्याय, कई सांसद, विद्वान, साहित्यकार, शिक्षाविद और वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
(Input from PB Shabd)
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