Union Education Minister । NTA । NEET-UG । CBT: नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून को; अगले साल से सीबीटी मोड में आयोजन: केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने सुधार के उपायों की कि घोषणा

Union Education Minister । NTA । NEET-UG । CBT: नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून को; अगले साल से सीबीटी मोड में आयोजन: केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने सुधार के उपायों की कि घोषणा

नई दिल्लीः  श्री धर्मेंद्र प्रधान, Union Education Minister, ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से अगले वर्ष से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को आश्वासन दिया कि इस बार परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है।

उन्होंने कहा, “हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है तथा सरकार उनकी मेहनत एवं प्रयासों के प्रति संवेदनशील है। इस बार हम किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने देंगे। सरकार आपके साथ है। हमें राष्ट्रहित में एक कठिन निर्णय लेना पड़ा। हमें इसका बेहद दुख है।”

Union Education Minister ने पुष्टि की कि NEET-UG के प्रश्न “गेस पेपर” के नाम पर बाहर गए थे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जांच में यह सत्यापित हुआ कि इसी बहाने वास्तविक प्रश्नपत्र लीक हुआ था जिसके कारण NEET-UG परीक्षा को रद्द कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “यह प्रक्रिया 8 मई की सुबह शुरू हुई और 8, 9, 10 तथा 11 मई तक चलती रही। जब हमें स्पष्टता मिली और यह पुष्टि हुई कि इस बार लीक प्रश्नपत्र के आधार पर प्रश्न बाहर गए थे, तब हमने 12 मई को छात्रों के हित में निर्णय लिया। हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं की साजिश के कारण कोई भी योग्य अभ्यर्थी अपने अधिकार से वंचित रह जाए।”

Union Education Minister ने दोहराया कि सरकार परीक्षा में अनियमितताओं के प्रति शून्य-सहनशीलता की नीति अपनाती है और पिछले वर्ष सामने आए मुद्दों के बाद राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू किया गया है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि NTA पूरी तरह जवाबदेह है। NTA एक सक्षम व्यक्ति के हाथों में है। इसका गठन उच्चतम न्यायालय की सिफारिश पर किया गया था और यह हर वर्ष लगभग एक करोड़ छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करता है। श्री प्रधान ने आश्वस्त किया कि NTA में शून्य त्रुटि सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को किसी एक संस्था से जोड़कर नहीं बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।

Union Education Minister ने कहा कि NEET पुनर्परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी ताकि उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर सहित अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करने में सुविधा हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इसके अलावा, श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NTA छात्रों को पुनः अपनी पसंद के परीक्षा शहर चुनने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा, “हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। NTA आज शाम तक विस्तृत सार्वजनिक सूचना जारी करेगा। प्रारंभिक तौर पर NTA ने छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर दोबारा चुनने के लिए एक सप्ताह का समय देने का निर्णय लिया है, क्योंकि कई अभ्यर्थी उस शहर को छोड़ चुके होंगे जहां उन्होंने पिछली परीक्षा दी थी।”

श्री प्रधान ने कहा, “भारत सरकार परिवहन व्यवस्था को लेकर राज्यों से बात करेगी और मैं स्वयं भी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करूंगा ताकि छात्रों को न्यूनतम कठिनाइयों का सामना करना पड़े।”

(Input from DD News)

 

Sanjay Sharan

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