UAE । Bilateral trade । ADIA: भारत और यूएई लोकल करेंसी में ट्रेड के लिए पहल लागू करने पर सहमत; 2032 तक आपसी ट्रेड को 200 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य

UAE । Bilateral trade । ADIA: भारत और यूएई लोकल करेंसी में ट्रेड के लिए पहल लागू करने पर सहमत; 2032 तक आपसी ट्रेड को 200 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य

नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2025-26 में India  और UAE के बीच Bilateral trade 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025 में गैर-तेल व्यापार 76.2 अरब डॉलर रहा। दोनों पक्ष 2032 तक Bilateral trade  को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने के अपने साझा लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।

संयुक्त कार्यबल ने कई निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, जिनमें ओडिशा में प्रस्तावित 11.5 अरब डॉलर का एकीकृत एल्युमीनियम परिसर और गुजरात में फूड पार्क परियोजना शामिल हैं।

इसने एमिरेट्स एनबीडी द्वारा भारत के आरबीएल बैंक में बहुमत हिस्सेदारी के लगभग तीन अरब डॉलर के अधिग्रहण और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा भारत की सम्मान कैपिटल में एक अरब डॉलर के निवेश का भी स्वागत किया।

बैठक में गुजरात के धोलेरा में विमानन और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के अवसरों का पता लगाया गया।

दोनों पक्षों ने निवेश संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए यूएई-भारत फास्ट ट्रैक तंत्र की भी समीक्षा की और उनके समयबद्ध समाधान के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई।

श्री गोयल ने कहा कि बैठक निवेश और नवाचार में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है और UAE को India  की विकास यात्रा में एक विश्वसनीय साझेदार बताया। शेख हामिद बिन जायद ने कहा कि संयुक्त कार्यबल ने निवेशकों को समर्थन देने, चुनौतियों का समाधान करने और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

India और UAE ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार के निपटान, भुगतान और संदेश प्रणालियों के एकीकरण तथा केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्राओं से संबंधित पहलों के समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई है।

दोनों पक्ष आज मुंबई में भारत-यूएई निवेश पर उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल की 14वीं बैठक के दौरान इस समझौते पर पहुंचे। इसकी सह-अध्यक्षता वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (ADIA) के प्रबंध निदेशक शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये मुद्दे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें Bilateral trade और निवेश को अधिक कुशल, सुलभ और लचीला बनाने की क्षमता है। जिन क्षेत्रों में दोतरफा निवेश प्रवाह बढ़ाया जा सकता है, उनमें ऊर्जा, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं।

व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कार्यबल की स्थापना 2013 में की गई थी। यह दोनों देशों के निवेशकों के सामने आने वाले मुद्दों के समाधान के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत ने इस वर्ष वस्तुओं और सेवाओं के कुल निर्यात को पिछले वर्ष के 863 अरब डॉलर से बढ़ाकर एक ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में वस्तुओं का निर्यात 15 फीसदी से अधिक बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के तहत भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर लगभग 100 अरब डॉलर हो गया है। अब दोनों देशों का लक्ष्य 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाना है।

UAE पहले ही भारत में लगभग 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है और उसने जल्द ही 25 अरब डॉलर और निवेश करने की योजना का संकेत दिया है, जबकि दीर्घकालिक निवेश का लक्ष्य 100 अरब डॉलर है।

श्री गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जहाज निर्माण, खाद्य सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और फिनटेक सहित कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात में अधिक सहयोग से भारतीय किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होंगे, साथ ही युवाओं और एमएसएमई के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और यूएई रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, एलएनजी और एलपीजी आपूर्ति तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संभावित समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइनों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

समुद्री क्षेत्र में सहयोग आधुनिक बंदरगाहों, जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और कंटेनर निर्माण पर केंद्रित होगा। इन पहलों को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित कार्य समूह का गठन किया जाएगा।

श्री गोयल ने यूएई में यूपीआई के बढ़ते उपयोग पर भी प्रकाश डाला और कहा कि फिनटेक में भविष्य का सहयोग साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वित्तीय सेवाओं और स्टार्टअप पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि भारत-यूएई व्यापार समझौता, जो 90 दिनों से भी कम समय में संपन्न हुआ, दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास और आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है।

(Input from News on Air)

 

 

Sanjay Sharan

Sanjay Sharan

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Comments ( 0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to comment!