नई दिल्लीः RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) की Monetary Policy समिति (MPC) ने बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई जोखिमों का हवाला देते हुए नीतिगत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।
छह सदस्यीय समिति, जिसकी हाल ही में गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में बैठक हुई, वर्तमान की बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार लचीला रुख बनाए रखने हेतु अपनी तटस्थ नीति भी बरकरार रखी।
समिति ने कहा कि घरेलू आर्थिक विकास मजबूत बना हुआ है, लेकिन वैश्विक कारक जैसे पश्चिम एशिया संघर्ष, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं तथा बढ़ती ऊर्जा कीमतें विकास एवं महंगाई दोनों के लिए जोखिम पैदा कर रही है।
2026-27 के लिए देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का कयास लगाया जा रहा है। हालांकि, अस्थिर वस्तु कीमतों और संभावित मौसम संबंधी व्यवधानों से ऊपर की ओर जोखिम बरकरार हैं।
(Input from News on Air)
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