नई दिल्ली । Union Home Minister अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा और राजस्थान सरकारों ने आज नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए एक समझौते ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया। इस अवसर पर बोलते हुए श्री शाह ने कहा कि इस समझौते ने हरियाणा और राजस्थान के लोगों के सामने लगभग तीन दशक पुरानी जल संबंधी समस्या का समाधान कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता PM नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘संवाद से समाधान’ मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्री ने जानकारी दी कि इस समझौते के तहत अगले महीने से अक्टूबर तक यमुना नहर से लगभग 580 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी तीन भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये पाइपलाइनें राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराएंगी। श्री शाह ने कहा कि इस समझौते का ढांचा आने वाले कई दशकों तक एक विवाद-मुक्त समझौते के रूप में कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते में वित्तीय जिम्मेदारियों, लागत साझेदारी, जल आवंटन, जल छोड़ने की प्रक्रिया और रखरखाव संबंधी व्यवस्थाओं को सावधानीपूर्वक शामिल किया गया है।
इस बीच, Jal Shakti Minister सीआर पाटिल ने कहा कि इस समझौते के तहत राजस्थान के हिस्से का पानी मानसून के दौरान पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा हथिनीकुंड बैराज से उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे राजस्थान के चूरू, सीकर, झुंझुनू और अन्य जल संकटग्रस्त क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताओं का दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित होगा। मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस विषय पर लगातार संवाद और प्रयास किए गए हैं और इस महीने की 23 तारीख को आयोजित बैठक के दौरान दोनों राज्यों के बीच परियोजना के क्रियान्वयन के ढांचे पर सहमति बनी।
इस मौके पर राजस्थान के CM भजन लाल शर्मा, हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों के सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
(Input from News on Air)
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