नई दिल्ली । सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने सोमवार को 20वें सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर आधारित प्रकाशनों की एक श्रृंखला जारी की, जिसमें राष्ट्रीय संकेतक ढांचे (NIF) के तहत सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संकेतकों पर भारत की प्रगति को रेखांकित किया गया है।
जारी किए गए प्रकाशन द्वारा विस्तृत उल्लेख
इन प्रकाशनों में सतत विकास लक्ष्य – राष्ट्रीय संकेतक ढांचा प्रगति रिपोर्ट, 2026, डेटा स्नैपशॉट ऑन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) – नेशनल इंडिकेटर फ्रेमवर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट, 2026, सतत विकास लक्ष्य – राष्ट्रीय संकेतक ढांचा, 2026 तथा इसके मेटाडाटा, और ‘ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स: इंडिया’स अचीवमेंट्स अंडर द पीपल डायमेंशन ऑफ द एसडीजीज़’ शीर्षक वाली एक विषयगत बुलेटिन शामिल हैं।
National Indicator Framework: प्रगति की आधिकारिक व्यवस्था
केन्द्रीय मंत्रालयों, नीति आयोग, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अन्य हितधारकों के परामर्श से MoSPI द्वारा विकसित राष्ट्रीय संकेतक ढांचा, 17 सतत विकास लक्ष्यों पर प्रगति की निगरानी के लिए देश की आधिकारिक व्यवस्था के रूप में कार्य करता है। वर्ष 2026 के इस ढांचे में 277 राष्ट्रीय SDG संकेतक शामिल हैं, जो नीति निर्माण और कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं।
सामाजिक सुरक्षा और मातृ मृत्यु दर में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के दायरे में आने वाली आबादी का अनुपात 2016 के 22 फीसदी से बढ़कर 2026 में 65.3 फीसदी हो गया है, जबकि मातृ मृत्यु अनुपात 2015-17 के दौरान प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 122 से घटकर 2022-24 के दौरान 87 हो गया है।
लैंगिक संकेतकों में प्रगति
रिपोर्ट में लैंगिक संकेतकों में भी सुधार की ओर संकेत किया गया है। जन्म के समय लिंगानुपात 2015-17 के दौरान प्रति 1,000 पुरुष जीवित जन्मों पर 896 महिलाओं से बढ़कर 2022-24 के दौरान 918 हो गया, जबकि महिला और पुरुष पेशेवर एवं तकनीकी कर्मियों का अनुपात 2023-24 के 48.7 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 51.3 प्रतिशत हो गया।
बेरोजगारी दर में कमी
रिपोर्ट के अनुसार, रोजगार के मोर्चे पर बेरोजगारी दर 2017-18 के 6.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 3.1 प्रतिशत हो गई है।
Renewable Energy और पर्यावरणीय स्थिरता में उल्लेखनीय प्रगति
रिपोर्ट पर्यावरणीय स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा में महत्वपूर्ण प्रगति को भी रेखांकित करती है। स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता 2014-15 के 64.04 वाट प्रति व्यक्ति से बढ़कर 2025-26 में 193.36 वाट प्रति व्यक्ति हो गई है, जो तीन गुना विस्तार को दर्शाती है। अपशिष्ट पुनर्चक्रण संयंत्रों की संख्या भी 2019-20 के 829 से बढ़कर 2025-26 में 3,236 हो गई है।
Biodiversity Conservation में उपलब्धियां
भारत ने Biodiversity Conservation में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। संरक्षित पादप आनुवंशिक संसाधन 2014-15 के 4.32 लाख से बढ़कर 2025-26 में 4.92 लाख हो गए, जबकि पशु आनुवंशिक संसाधन इसी अवधि में 1.40 लाख से बढ़कर 3.62 लाख हो गए। मछली आनुवंशिक संसाधन भी 47 से बढ़कर 105 हो गए हैं।
Ramsar sites का दायरा बढ़ा
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के कुल आर्द्रभूमि क्षेत्र में रामसर स्थलों का अनुपात 2016 के 4.15 फीसदी से बढ़कर 2026 में 8.66 फीसदी हो गया है, जो आर्द्रभूमियों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मान्यता और संरक्षण को दर्शाता है।
Digital Connectivity डिजिटल कनेक्टिविटी में तेज वृद्धि
Digital Connectivity में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुल इंटरनेट सदस्यताओं की संख्या 2015 के 302.36 मिलियन से बढ़कर 2025 में 969.10 मिलियन हो गई है।
‘Transforming Lives’ बुलेटिन जारी
प्रगति रिपोर्ट के साथ-साथ एमओएसपीआई ने ‘ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स: इंडिया’स अचीवमेंट्स अंडर द पीपल डायमेंशन ऑफ द एसडीजीज़’ नामक विषयगत बुलेटिन भी जारी किया, जो एसडीजी 1 से 5 के अंतर्गत गरीबी, भूख, स्वास्थ्य, शिक्षा और लैंगिक समानता के क्षेत्रों में हुई प्रगति पर केंद्रित है। बुलेटिन मानव विकास में सुधार और सतत विकास के लिए वर्ष 2030 के एजेंडे को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार की प्रमुख पहलों और नीतिगत हस्तक्षेपों को रेखांकित करता है।
(Input from DD News)
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