नई दिल्लीः President of India श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को President of Vietnam श्री तो लेम के भारत के पहले राजकीय दौरे के दौरान Rashtrapati Bhavan में उनका स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया गया।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने वियतनामी नेता के सम्मान में एक भोज का भी आयोजन किया और कहा कि भारत और वियतनाम के बीच गहरे ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
राष्ट्रपति तो लैम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति तथा इंडो-पैसिफिक दृष्टि में, ASEAN के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के अंतर्गत वियतनाम का महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में वियतनाम की भागीदारी की सराहना की और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वियतनाम के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-वियतनाम संबंधों में उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान, खास कर, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, विकास साझेदारी, तथा व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
उन्होंने दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स), डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में इस दौरे के दौरान हुए समझौतों और घोषणाओं का भी स्वागत किया।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने दोनों देशों द्वारा “संवर्धित व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त वक्तव्य” के माध्यम से संबंधों को और मजबूत करने के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया।
पिछले एक दशक में द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत संतुलित एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से आर्थिक सहभागिता को और बढ़ाने के लिए उत्सुक है।
उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-वियतनाम संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों देश साझा क्षेत्रीय चुनौतियों का मिलकर समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि भारत और वियतनाम के बीच घनिष्ठ सहयोग से दोनों देशों के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा।
(Input from DD News)
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