नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने भारत के प्रौद्योगिकी भविष्य को आकार देने में सरकार और सेमीकंडक्टर उद्योग के बीच घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। आज नई दिल्ली में प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ Semiconductor Roundtable की अध्यक्षता करते हुए श्री मोदी ने प्रतिभा, प्रौद्योगिकी को अपनाने और बुनियादी ढांचे की भारत की मजबूत नींव को रेखांकित किया।
PM ने कौशल विकास, नवाचार और एआई एवं क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में उद्योग की अधिक भागीदारी का आह्वान किया। एआई में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के अनुभव और क्षमताओं के साथ भारत का प्रतिभा पूल महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकता है।
श्री मोदी ने कहा कि भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों में शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र अब बुनियादी प्रयासों से आगे बढ़कर अधिक व्यापक स्तर और अवसरों के चरण में प्रवेश कर रहा है।
PM ने पूर्वानुमान योग्य और उत्तरदायी नीतिगत वातावरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियों को विकसित होना चाहिए।
उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं को नीति और प्रशासनिक उपायों पर सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया और आश्वासन दिया कि क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए आगे उठाए जाने वाले कदमों में उनके सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा। उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं को भारत के सेमीकंडक्टर विकास के अगले चरण में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीईओ ने भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को विकसित करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों की सराहना की और विनिर्माण, डिजाइन, बुनियादी ढांचे तथा प्रतिभा विकास में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
PM ने India Semiconductor Mission 2.0 के तहत उभर रहे अवसरों और विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास, उन्नत प्रौद्योगिकियों तथा सहायक उद्योगों सहित सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के विभिन्न क्षेत्रों में क्षमताएं विकसित करने की भारत की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया।
PM के नेतृत्व और समर्थन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हासिल की गई प्रगति ने उद्योग की आगे की भागीदारी के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभरने में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैठक में एसईएमआई, माइक्रोन, इनफिनियॉन, एप्लाइड मैटेरियल्स, एसएमएल, मर्क, टोक्यो इलेक्ट्रॉन लिमिटेड, फ़ूजीफ़िल्म, एएमडी, इंटेल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, लैम रिसर्च, रैपिडस, एनएक्सपी, फ़ॉक्सकॉन, सेमी कंडक्टर डिवाइस, एडवांटेस्ट, सेलेस्टा कैपिटल,सीजी पावर,आईबीएम रिसर्च सहित विभिन्न संगठनों के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
(Input from News on Air)
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