PM । Ministry of Agriculture । Kharif  । Total Area Sown । CCEA । MSP: भारत में चालू खरीफ सीजन में कुल बुवाई का रकबा 1,016.57 लाख हैक्टर से ज़्यादा

PM । Ministry of Agriculture । Kharif  । Total Area Sown । CCEA । MSP: भारत में चालू खरीफ सीजन में कुल बुवाई का रकबा 1,016.57 लाख हैक्टर से ज़्यादा

नई दिल्ली । Ministry of Agriculture द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 14 अगस्त तक देशभर में चालू Kharif मौसम में अब तक  total area sown 1016.57 लाख हैक्टर रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 1037.52 लाख हैक्टर था।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक धान का क्षेत्रफल 379.07 लाख हैक्टर है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान यह 393.44 लाख हैक्टर था। अब तक बोए गए क्षेत्र में 14.37 फीसदी की गिरावट का कारण इस वर्ष अल नीनो मौसम पैटर्न के प्रतिकूल प्रभाव के बाद मानसून की कमी को माना गया है।

उड़द और मूंग जैसी दलहनी फसलों का क्षेत्रफल 108.14 लाख हैक्टर पर स्थिर रहा है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 108.49 लाख हैक्टर था, क्योंकि इन फसलों को कम पानी की आवश्यकता होती है।

ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज या मिलेट्स के अंतर्गत क्षेत्रफल चालू मौसम में अब तक 172.96 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 177.13 लाख हैक्टर से कम है।

गन्ने का क्षेत्रफल, जो पहले बोई जाने वाली वार्षिक फसल है, अब तक 58.31 लाख हैक्टर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 58.62 लाख हैक्टर था।

चालू खरीफ मौसम में अब तक कपास के तहत बोया गया क्षेत्रफल 107.30 लाख हैक्टर रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष बोए गए 108.26 लाख हेक्टेयर के लगभग समान है।

PM नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए विपणन मौसम 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी थी।

विपणन मौसम 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के MSP में वृद्धि केद्रीय बजट 2018-19 में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय करने की बात कही गई थी।

किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर अपेक्षित मार्जिन मूंग के मामले में सबसे अधिक 61 फीसदी, इसके बाद बाजरा 56 फीसदी, मक्का 56 फीसदी और तूर/अरहर 54 फीसदी रहने का अनुमान है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बाकी फसलों के लिए किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर मार्जिन 50 फीसदी रहने का अनुमान है।

हाल के वर्षों में सरकार दालों, तिलहनों और पोषक-अनाजों जैसी अनाज के अलावा अन्य फसलों की खेती को भी बढ़ावा दे रही है, जिसके लिए उन्हें उच्च MSP की पेशकश की जा रही है।

(Input from DD News)

 

 

Sanjay Sharan

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