नई दिल्ली । देशभर में आज राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस भारत के महानतम खेल दिग्गजों में से एक, मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर PM नरेन्द्र मोदी ने आज Indian Hockey के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि भारतीय हॉकी में मेजर ध्यानचंद की प्रतिभा और उत्कृष्टता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। सभी खेल प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका समर्पण, जुनून और दृढ़ संकल्प देश को गौरवान्वित करता है।
यह दिवस भारत की समृद्ध खेल विरासत का उत्सव मनाने के साथ-साथ लोगों को खेलों को अपने दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 को ‘श्रद्धांजलि, खेल और सक्रियता’ (Tribute, Play and Move) के तीन प्रमुख स्तंभों के तहत तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस का आह्वान “एक घंटा खेल के मैदान में” है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
दिल्ली में Union Minister डॉ. मनसुख मांडविया और अर्जुन राम मेघवाल ने इस अभियान के तहत एक क्रिकेट मैच में हिस्सा लिया। मीडिया से बातचीत में डॉ. मांडविया ने लोगों से फिट और स्वस्थ रहने के लिए हर सप्ताह कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में बिताने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए स्वस्थ युवा और स्वस्थ समाज आवश्यक हैं। श्री मेघवाल ने बताया कि वह हर दिन बैडमिंटन खेलते हैं। उन्होंने कहा कि खेल लोगों को स्वस्थ और फिट रखने के साथ-साथ तनाव दूर करने में भी मदद करते हैं।
सरकार भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में लगातार निवेश कर रही है, जिसके परिणाम वैश्विक मंच पर तेजी से दिखाई दे रहे हैं। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारत का प्रदर्शन ओलंपिक, पैरालंपिक और विभिन्न बहु-खेल प्रतियोगिताओं में देश की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
केन्द्रीय बजट 2026-27 में युवा मामले और खेल मंत्रालय के लिए 4,400 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जबकि 2013-14 में यह राशि लगभग 1,200 करोड़ रुपये थी। भारत की ओलंपिक यात्रा में हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। देश ने रियो 2016 में दो, टोक्यो 2020 में सात और पेरिस 2024 में छह पदक जीते। पैरालंपिक खेलों में भी भारत के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रियो 2016 में चार पदकों से बढ़कर टोक्यो 2020 में भारत की पदक संख्या 19 हो गई।
पेरिस 2024 में भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरालंपिक प्रदर्शन करते हुए 29 पदक जीते। एशियाई खेलों में भी भारत के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। देश ने 2014 के एशियाई खेलों में 57 पदक जीते, 2018 में यह संख्या बढ़कर 69 हुई और 2023 में रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया।
‘Khelo India”, ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (TOPS) और ‘खेलो इंडिया राइजिंग टैलेंट आइडेंटिफिकेशन’ (KIRTI) जैसी पहलें देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही हैं और खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद कर रही हैं।
(Input from News on Air)
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