लखनऊ । UP के CM श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की प्रक्रिया को निरन्तर आगे बढ़ाते हुए गोरखपुर महानगर को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। Kalyana Mandapam इसी विकास प्रक्रिया में ‘Ease of Living’ का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
श्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में गोरखपुर नगर निगम एवं गोरखपुर विकास प्राधिकरण की 130 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 170 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर महानगर के राप्तीनगर क्षेत्र में नवनिर्मित Kalyana Mandapam का लोकार्पण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया।
CM ने कहा कि राप्तीनगर में निर्मित Kalyana Mandapam गोरखपुर महानगर का छठवां कल्याण मण्डपम है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में विवाह, मुण्डन संस्कार, पारिवारिक एवं सामाजिक आयोजन महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। सामान्य एवं गरीब परिवारों के लिए महंगे होटलों में ऐसे आयोजन करना कठिन होता है। ऐसे में कल्याण मण्डपम उनके लिए एक उत्तम, सुविधाजनक और किफायती विकल्प उपलब्ध कराता है।
श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस Kalyana Mandapam में एक बड़ा सभागार है, जिसमें लगभग 300 से 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था हो सकती है। इसके साथ ही यहां एक छोटा सभागार, 06 अटैच कमरे और विशाल लॉन की व्यवस्था है। कोई भी नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार इसे बुक कराकर विवाह, मुण्डन, बैठक, सम्मेलन, सामाजिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर सकता है।
CM ने कहा कि लगभग एक दशक पहले जिस स्थान पर यह Kalyana Mandapam बना है, वहां लगभग डेढ़ से दो मीटर तक गहराई थी। मिट्टी डालकर भूमि को समतल किया गया और आज उसी स्थान पर शानदार कल्याण मण्डपम तथा विशाल लॉन का निर्माण हुआ है। यह इस बात का उदाहरण है कि इच्छाशक्ति और बेहतर योजना के साथ किसी स्थान का कायाकल्प किस प्रकार किया जा सकता है।
श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस Kalyana Mandapam के निर्माण में लगभग 2.5 करोड़ रुपये की धनराशि विधायक निधि से उपलब्ध कराई गई, जबकि लगभग 70 लाख रुपये गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए गए हैं। बाबा गम्भीरनाथ वॉर्ड के मानबेला, जंगल तुलसीराम पश्चिमी, जंगल तुलसीराम-बिछिया, माधवनगर मौजा जंगल बेनी माधव नम्बर-1 तथा उर्वरकनगर के नकहा आदि क्षेत्रों में Kalyana Mandapam एवं कन्वेंशन सेण्टर के रूप में सुविधाएं विकसित की गई हैं।
CM ने कहा कि महानगर में 03 अन्य Kalyana Mandapam निर्माणाधीन हैं और आने वाले समय में कुछ नए Kalyana Mandapam भी स्वीकृत किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि गोरखपुर महानगर के प्रत्येक क्षेत्र में नागरिकों को ऐसे सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हों, जहां वे कम खर्च में अपने मांगलिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें।
श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छी सरकार आने पर अच्छे कार्य इसी प्रकार आगे बढ़ते हैं। वर्ष 2017 से पहले गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क ज्वर को लेकर भय और दहशत का वातावरण रहता था। गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोण्डा, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत सहित अनेक जनपदों में लोग इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि पता नहीं इस बीमारी के कारण इस बार कितने मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।
CM ने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए इससे बड़ी त्रासदी और पीड़ादायक स्थिति क्या हो सकती है कि उनका बच्चा किसी गम्भीर बीमारी का शिकार हो जाए। इंसेफेलाइटिस की समस्या वर्ष 1977 से चली आ रही थी। इस दौरान विभिन्न सरकारों को अवसर मिला, लेकिन इंसेफेलाइटिस की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए।
श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब वह सांसद थे, तब भी उन्होंने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और CM बनने के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि माफिया के साथ-साथ मच्छर और मच्छर के साथ बीमारी को भी समाप्त करना होगा। सरकार ने स्वच्छता, उपचार, रोकथाम, टीकाकरण और जन जागरूकता सहित विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कार्य किए। इसका परिणाम है कि आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मासूम बच्चों की मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
(Input From PB Shabd)
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