नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। कल शुरू हुआ यह चार दिवसीय कार्यक्रम दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को प्रदर्शित करता है। IMC 2026 की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ है, जो डिजिटल नवाचार, अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी और प्रौद्योगिकी आधारित विकास में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाती है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए PM मोदी ने कहा कि इस मंच ने पिछले वर्षों में भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटल कनेक्टिविटी के विकास को देखा है। उन्होंने कहा कि यह मंच भारत की प्रगति और आकांक्षाओं के प्रदर्शन का माध्यम बनकर उभरा है।
PM ने कहा कि 5जी कनेक्टिविटी देश के हर जिले तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि अब पूरे भारत में 5जी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले 5 लाख 50 हजार से अधिक बेस स्टेशन संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब विभिन्न डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से करीब 25 करोड़ छात्रों को जोड़ने के लिए काम कर रही है।
PM श्री मोदी ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सरकारी सेवाओं को गति दी है। उन्होंने कहा कि अब दूरदराज के गांवों के बच्चे और गरीब परिवारों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण ज्ञान तक पहुंच बना पा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में मोबाइल फोन न केवल आधुनिक संचार के माध्यम के रूप में उभरे हैं, बल्कि Good Governance के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण भी बन गए हैं।
पीएम मोदी ने दीक्षा (DIKSHA) प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की अवधि के दौरान, जुलाई 2022 तक दीक्षा पर 500 करोड़ से अधिक लर्निंग सेशन और लगभग 6 हजार करोड़ लर्निंग मिनट दर्ज किए गए।
इस अवसर पर Union Communications Minister ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 2014 में एक गीगाबाइट डेटा की कीमत 268 रुपये थी, जबकि आज इसकी कीमत केवल लगभग 8 रुपये है, जिससे भारत दुनिया में सबसे सस्ते डेटा वाले देशों में से एक बन गया है।
(Input from News on Air)
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