नई दिल्लीः PM नरेंद्र मोदी आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘Maan Ki Baat’ के 134वें एपिसोड को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे आकाशवाणी (All India Radio), DD News तथा सरकार के आधिकारिक डिजिटल मंचों पर प्रसारित किया जाएगा।
PM मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “कल, 31 मई को सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ कार्यक्रम अवश्य सुनिए। समाज को बेहतर बनाने वाली प्रेरणादायक जीवन यात्राओं को सामने लाना हमेशा आनंददायक होता है।”
कार्यक्रम के पिछले एपिसोड, जो 27 अप्रैल को प्रसारित हुआ था, में PM ने भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया) के अनूठे डिजिटल डेटाबेस का उल्लेख किया था, जिसे ‘अभिलेख पटल पोर्टल’ के माध्यम से तैयार किया गया है। इस पोर्टल पर भारत के इतिहास से जुड़े 20 करोड़ से अधिक अमूल्य दस्तावेजों तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
‘अभिलेख पटल’ (Archives and Learning Portal) भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य संस्थान में संरक्षित विशाल अभिलेखीय सामग्री को आम जनता के लिए एक क्लिक पर सुलभ बनाना है। इस पोर्टल पर लगभग 10 करोड़ फाइलों से संबंधित संदर्भ सामग्री उपलब्ध है।
पिछले एपिसोड में PM ने कहा था कि तेजी से बदलते समय में प्रौद्योगिकी लोगो को उनके अतीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। हम देख रहे हैं कि किस प्रकार तकनीक हमारे अतीत को वर्तमान से जोड़ने का कार्य कर रही है। हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार ने एक समर्पित पोर्टल पर एक अनूठा डेटाबेस साझा किया है, जिससे शिक्षा और इतिहास से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा।”
PM ने बताया कि इस संस्था ने 20 करोड़ से अधिक अमूल्य दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर उन्हें सार्वजनिक किया है। इनमें भोजपत्र पर लिखी गई 7वीं शताब्दी की गिलगित पांडुलिपियां भी शामिल हैं। इसके अलावा, 8वीं शताब्दी का रोचक ग्रंथ ‘श्री भुवलय’ भी उपलब्ध है, जो संख्याओं पर आधारित एक विशेष ग्रिड के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
PM मोदी ने केरल के तिरुवनंतपुरम की कक्षा 12वीं की छात्रा संजना फिलो चाको का भी उल्लेख किया, जिन्होंने फ्रांस के बोर्डो में आयोजित यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड (EGMO) 2026 में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
इसी एपिसोड में PM ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की पारंपरिक ‘कलारी चीज़’ का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताते हुए ब्राज़ील में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चीज़ प्रतियोगिता में मिली वैश्विक पहचान के लिए इसकी सराहना की।
(Input from DD News)
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