New Delhi । Central Government । West Asia । ECLGS 5.0: पश्चिम एशिया संकट के बावजूद सरकार ने ईंधन, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने का दिया आश्वासन

New Delhi । Central Government । West Asia । ECLGS 5.0: पश्चिम एशिया संकट के बावजूद सरकार ने ईंधन, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने का दिया आश्वासन

नई दिल्लीः Central Government ने आज देशवासियों को आश्वस्त किया कि West Asia में विकसित हो रही परिस्थितियों के बावजूद ईंधन, खाद्यान्न, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएँ की गई हैं।

New Delhi में पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने कहा कि रिकॉर्ड कृषि उत्पादन और आवश्यक वस्तुओं के पर्याप्त भंडार के कारण भारत खाद्य सुरक्षा के मामले में मजबूत स्थिति में है।

खाद्य आपूर्ति की स्थिति पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान Geo-Political Tensions के बावजूद भारत में खाद्य कीमतों की स्थिरता को 3766 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का समर्थन प्राप्त है। वहीं, दलहन उत्पादन 274 लाख मीट्रिक टन से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। उन्होंने बताया कि घरेलू उत्पादन बढ़ने के कारण पिछले वर्षों की तुलना में दलहन आयात में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, सरकारी भंडार में दलहन का स्टॉक पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप करने की सरकार की क्षमता मजबूत हुई है।

खाद्यान्न भंडार निर्धारित मानकों से काफी अधिक

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने बताया कि खाद्यान्न का भंडार निर्धारित बफर मानकों से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में केंद्रीय पूल में 513 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध है, जबकि अगले माह की पहली तारीख के लिए निर्धारित बफर मानक 276 लाख मीट्रिक टन से अधिक है।

पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सभी तेल विपणन कंपनियाँ (OMCs) पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी खुदरा बिक्री केंद्रों पर लगातार भंडार की पुनःपूर्ति कर रही हैं।

एलपीजी आपूर्ति के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ 21 लाख से अधिक बुकिंग प्राप्त हुईं, जबकि 1 करोड़ 22 लाख से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। इनमें से लगभग 95 प्रतिशत डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड के माध्यम से पूरी की गई।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बिक्री एवं वितरण में जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमितताओं के विरुद्ध निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया है। इस दौरान 1300 छापेमारी अभियान चलाए गए और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

West Asia संकट से प्रभावित व्यवसायों के लिए ECLGS 5.0

वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव मनोज मुथाथिल अय्यप्पन ने बताया कि पश्चिम एशिया की स्थिति से प्रभावित व्यवसायों को सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना ECLGS 5.0 को मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को 100 फीसद तथा गैर-एमएसएमई और विमानन क्षेत्र को 90 फीसद तक ऋण गारंटी कवरेज प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य West Asia संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों से व्यवसायों को उबरने में सहायता देना है।

उर्वरकों की उपलब्धता आवश्यकता से अधिक

उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपरना एस. शर्मा ने कहा कि भारत की उर्वरक सुरक्षा मजबूत, स्थिर और सुव्यवस्थित है तथा सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता आवश्यकताओं से अधिक बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 सीजन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राज्यों के परामर्श से कुल उर्वरक आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन कर इसे 383.9 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया है। इसके मुकाबले वर्तमान में 199.86 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है, जो कुल मौसमी आवश्यकता का 52 फीसद से अधिक है। यह इस समय सामान्यतः उपलब्ध रहने वाले लगभग 33 फीसद भंडार स्तर से काफी अधिक है।

समुद्री व्यापार और नौवहन सेवाएं सामान्य

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि क्षेत्र में नौवहन सेवाएँ स्थिर और सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पूर्वी क्षेत्र और लाल सागर मार्ग पर संचालित जहाज सेवाओं की संख्या मजबूत बनी हुई है, जो वैश्विक नौवहन कंपनियों के निरंतर विश्वास को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि पिछले 72 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज या भारतीय चालक दल के सदस्य से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 3400 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 72 घंटों के दौरान वापस लाए गए 24 नाविक भी शामिल हैं।

श्री मंगल ने कहा कि मंत्रालय समुद्री क्षेत्र के सभी हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है, ताकि व्यापार और नौवहन गतिविधियाँ बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।

(Input from News on Air)

 

Sanjay Sharan

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