कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) । पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में Mushroom production को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत हैं। समेकित बागवानी विकास मिशन यानी (MIDH) के तहत किसानों और युवाओं को मशरूम उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
पहले जहां इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे कम पूंजी में वैज्ञानिक और नियंत्रित वातावरण में मशरूम उत्पादन शुरू करने के इच्छुक किसानों और युवाओं को बड़ी राहत मिली है।
प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में योजना के तहत 42 मशरूम उत्पादन इकाइयां बनकर तैयार हो चुकी हैं। खास बात यह है कि कई युवाओं ने नौकरी छोड़कर मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया है। एक-एक इकाई से 25 से 50 लोगों तक के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
मशरूम की खेती के लिए अधिक भूमि की जरूरत नहीं होती, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी इसे अतिरिक्त आय के साधन के रूप में अपना सकते हैं। वहीं, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए भी यह स्वरोजगार का नया अवसर बन रहा है।
(Input from PB Shabd)
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