ई दिल्ली । सरकार ने तीन लाख रुपये तक के कम मूल्य वाले निर्यात खेपों के लिए रजिस्ट्रेशन-कम-मेंबरशिप सर्टिफिकेट (RCMC) या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता से छूट प्रदान की है। Ministry of Commerce and Industry ने कहा कि इस उपाय का उद्देश्य नए और छोटे निर्यातकों के लिए अनुपालन संबंधी बोझ को कम करना तथा डाक, कूरियर और अन्य उभरते माध्यमों के जरिए निर्यात को सुगम बनाना है।
मंत्रालय ने कहा कि तीन लाख रुपये से अधिक मूल्य की निर्यात खेपों के लिए, जहां लागू हो, वैध RCMC या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता जारी रहेगी।
मंत्रालय ने कहा कि इस उपाय से MSMEs, कारीगरों, छोटे व्यवसायों और पहली बार निर्यात करने वाले निर्यातकों को RCMC प्राप्त करने की आवश्यकता समाप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश का एक सरल माध्यम उपलब्ध होगा।
मंत्रालय ने कहा कि यह कदम उभरते निर्यातकों को कम प्रारंभिक अनुपालन आवश्यकताओं के साथ विदेशी बाजारों का परीक्षण करने और अपना निर्यात रिकॉर्ड स्थापित करने में सक्षम बनाएगा।
यह छूट ई-कॉमर्स और अन्य उभरते निर्यात माध्यमों को भी सुगम बनाएगी। इस कदम का उद्देश्य डाक, कूरियर और अन्य उभरते माध्यमों के जरिए कम मूल्य वाले निर्यात को समर्थन देना भी है, जो व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंचने में लगातार सक्षम बना रहे हैं।
मंत्रालय ने आगे कहा कि जैसे-जैसे निर्यातक अपने परिचालन का विस्तार करते हैं और उनकी खेपें तीन लाख रुपये की सीमा से आगे बढ़ती हैं, वे संबंधित निर्यात संवर्धन परिषदों या कमोडिटी बोर्डों की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं और निर्यात संवर्धन, बाजार पहुंच तथा अन्य संस्थागत सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
(Input from News on Air)
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