नई दिल्लीः Ministry of Commerce and Industry द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में भारत का कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात अनुमानित रूप से 80.80 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। यह पिछले वर्ष अप्रैल के 71.13 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि को प्रदर्शित करता है।
अप्रैल 2026 के दौरान कुल आयात 88.61 अरब अमेरिकी डॉलर अनुमानित किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 82.29 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 7.67 प्रतिशत अधिक है।
माह के दौरान कुल व्यापार घाटा घटकर 7.81 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 11.16 अरब अमेरिकी डॉलर था।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में वस्तु निर्यात 43.56 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल में यह 38.28 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसी अवधि में वस्तु आयात बढ़कर 71.94 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 65.38 अरब अमेरिकी डॉलर था।
अप्रैल 2026 में सेवा निर्यात 37.24 अरब अमेरिकी डॉलर अनुमानित किया गया, जो अप्रैल 2025 के 32.85 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। वहीं सेवा आयात 16.66 अरब अमेरिकी डॉलर अनुमानित किया गया, जो एक वर्ष पहले दर्ज 16.91 अरब अमेरिकी डॉलर से थोड़ा कम है।
अप्रैल 2026 के दौरान गैर-पेट्रोलियम निर्यात 33.97 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि गैर-पेट्रोलियम एवं गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात का मूल्य 31.64 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
माह के दौरान कई क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि दर्ज की गई। अन्य अनाजों के निर्यात में सर्वाधिक 210.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, इसके बाद मांस, डेयरी एवं पोल्ट्री उत्पादों में 48.03 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में 40.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
पेट्रोलियम उत्पाद, हस्तशिल्प, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, दवाइयाँ एवं औषधियाँ, रसायन, कालीन तथा कॉफी के निर्यात में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
आयात पक्ष में रासायनिक सामग्री एवं उत्पाद, दालें, पेट्रोलियम उत्पाद, मोती एवं बहुमूल्य पत्थर तथा वस्त्र-संबंधित वस्तुओं के आयात में पिछले वर्ष अप्रैल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में सेवा निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13.36 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।
निर्यात गंतव्यों में सिंगापुर, तंजानिया, श्रीलंका, बांग्लादेश तथा हांगकांग ने अप्रैल 2026 के दौरान मूल्य के आधार पर सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की।
वहीं चीन, रूस, ओमान, पेरू तथा सऊदी अरब उन प्रमुख आयात स्रोतों में शामिल रहे, जहाँ से आयात में वृद्धि दर्ज की गई।
Ministry of Commerce and Industry ने कहा कि अप्रैल 2026 के सेवा व्यापार से संबंधित आंकड़े भारतीय रिज़र्व बैंक के उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया अस्थायी अनुमान भर हैं।
(Input from DD News)
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