नई दिल्लीः Stock Market में सोमवार को तेजी का रुख देखा गया, वहीं अमेरिकी डॉलर तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिला है। ईरान युद्ध समाप्त होने की संभावित समझौते की उम्मीदों से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी, हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने को लेकर स्पष्टता न होने से बाजार का उत्साह कुछ सीमित रहा।
मध्य पूर्व में लगभग तीन महीने से जारी संघर्ष ने ऊर्जा कीमतों को काफी बढ़ा दिया है और वैश्विक ब्याज दरों की दिशा को भी प्रभावित किया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद किए जाने से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इस जलमार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से की ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों से ईरान के साथ किसी भी समझौते को जल्दबाजी में अंतिम रूप न देने को कहा है। उनकी सरकार ने निकट भविष्य में किसी बड़ी सफलता की उम्मीदों को भी कम करके दिखाया।
हालांकि इससे एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि वाशिंगटन और ईरान ने जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर “काफी हद तक बातचीत” कर ली है। युद्ध से पहले इस मार्ग से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परिवहन होता था।
पेपरस्टोन में रिसर्च प्रमुख क्रिस वेस्टन ने कहा कि बाजार अब समाधान के समय पर कम और खबरों के रुख पर अधिक ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि संकेत लगातार किसी न किसी समाधान की ओर इशारा कर रहे हैं और बाजार अब समाधान के लिए धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहा है।
इस वर्ष अधिकांश समय तेल की कीमतों ने वैश्विक बाजारों की दिशा तय की है, क्योंकि निवेशक वाशिंगटन और तेहरान से आने वाले परस्पर विरोधी संकेतों का आकलन कर रहे हैं। दोनों पक्ष अप्रैल में हुए नाज़ुक युद्ध विराम के बाद से बातचीत में लगे हुए हैं।
सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। ब्रेंट क्रूड वायदा 4 फीसद से अधिक गिरकर 98.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 4 फीसद से अधिक गिरकर 92.03 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
यूरो 0.33 फीसद बढ़कर 1.1646 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर में हालिया बढ़त कम होने से जापानी येन मजबूत होकर 158.85 प्रति डॉलर पर आ गया।
अमेरिकी शेयर वायदा बाजारों में भी मजबूती देखी गई। नैस्डैक फ्यूचर्स 1.2 फीसद और एसएंडपी फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत ऊपर रहे। जापान का Nikkei 225 तीन प्रतिशत उछलकर पहली बार 65,000 के स्तर के पार पहुंच गया। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों का एमएससीआई सूचकांक भी एक फीसद बढ़ा।
एटीएफएक्स ग्लोबल के मुख्य बाजार विश्लेषक निक ट्विडेल ने कहा कि बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, लेकिन जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की पुष्टि नहीं होती, तब तक बड़ी और स्थायी तेजी की संभावना कम है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में किसी औपचारिक समझौते की आवश्यकता होगी, क्योंकि अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
अमेरिका, ब्रिटेन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार बंद रहने के कारण सोमवार को कारोबार में तरलता कम रहने की संभावना है।
इस संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके चलते निवेशकों ने विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में आगे और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
अब बाजार अमेरिकी Federal Reserve द्वारा जनवरी 2027 में 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की पूरी संभावना मान रहा है। यह फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने से पहले की उम्मीदों से बिल्कुल अलग है, जब इस वर्ष दो बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना जताई जा रही थी।
30 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड, जिसे भू-राजनीतिक और वित्तीय जोखिम का संकेतक माना जाता है, पिछले सप्ताह जुलाई 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई। सोमवार को नकद कारोबार नहीं हुआ, लेकिन 30-वर्षीय बॉन्ड फ्यूचर्स में 17 टिक की बढ़त दर्ज की गई।
शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि मई में अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों की खर्च करने की क्षमता पर दबाव बढ़ा है। इसी बीच केविन वार्श ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में शपथ ली।
RBC BlueBay Asset Management के फिक्स्ड इनकम प्रमुख मार्क डाउडिंग ने कहा कि केविन वार्श अल्पकालिक महंगाई के आंकड़ों को नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन यदि मुद्रास्फीति लगातार बढ़ती रही तो ब्याज दर बढ़ाने का जोखिम भी लगातार बढ़ता जाएगा।
(Input from DD News)
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