नई दिल्लीः Lord Buddha के पवित्र अवशेष आज सार्वजनिक दर्शन के लिए Ladakh पहुंचे। इनका सार्वजनिक प्रदर्शन 1 मई से 15 मई तक किया जाएगा। लद्दाख के Lieutenant Governor श्री विनय कुमार सक्सेना ने वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षाबलों के साथ वायुसेना हवाई अड्डे पर इन अवशेषों का स्वागत किया।
इन पवित्र अवशेषों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वायुसेना के विशेष विमान से लाया गया। हवाई अड्डे से इन्हें विशेष फ्लैटबेड ट्रक के माध्यम से जिवत्सल ले जाया गया, जहाँ उन्हें अगले महीने की 1 तारीख से सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा।
यह पहली बार है जब इन पवित्र अवशेषों को उनके स्थायी स्थान से निकालकर देश के भीतर किसी प्रदर्शनी के लिए लाया गया है। मीडिया से बातचीत में Lieutenant Governor श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा बौद्ध धर्म के अनुयायियों तथा लद्दाख के लोगों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 1 मई, यानी बुद्ध पूर्णिमा के दिन आम जनता के लिए किया जाएगा।
ये अवशेष Lord Buddha की जीवंत उपस्थिति एवं उनके सार्वभौमिक उपदेशों का प्रतीक हैं। इनका प्रदर्शन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है।
लद्दाख अपने मठों और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए यह आयोजन एक आदर्श स्थान माना जा रहा है। यह प्रदर्शनी 11 और 12 मई को ज़ांस्कर भी जाएगी, जिसके बाद 14 मई को लेह में समापन समारोह आयोजित होगा। 15 मई को अवशेष वापस लौट जाएंगे।
इस पहल से सांस्कृतिक संबंध मजबूत होने और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
(Input from News on Air)
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