विश्व । United Nations महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने International Yoga Day के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और योग की वैश्विक पहुंच तथा पीढ़ियों के बीच शारीरिक और मानसिक कल्याण को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
एक्स पर एक पोस्ट में गुटेरेस ने कहा, "प्राचीन भारत में अपनी गहरी जड़ों से निकलकर योग वास्तव में सार्वभौमिक बन गया है, जो सभी धर्मों और संस्कृतियों के लाखों लोगों को शांति पाने, शक्ति अर्जित करने और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने में मदद कर रहा है।"
उन्होंने कहा कि योग का अभ्यास न केवल व्यक्तियों के लिए, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति भी सजगता, सम्मान और देखभाल की भावना को बढ़ावा देता है।
उन्होंने आगे कहा यह हमें अपने लिए, अपने ग्रह के लिए और एक-दूसरे के लिए सजगता, सम्मान और देखभाल का पाठ सिखाता है।"
इस अवसर पर अपना संदेश देते हुए United Nations प्रमुख ने बुजुर्ग आबादी के प्रति अधिक देखभाल करने का आह्वान किया और सभी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ दुनिया के निर्माण के प्रयासों पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि इस योग दिवस पर आइए, हम अपने मानव परिवार के बुजुर्ग सदस्यों तक भी इस देखभाल का विस्तार करें और ऐसी दुनिया का निर्माण करें, जहां हर पीढ़ी स्वस्थ जीवन जी सके। नमस्ते!
इस वर्ष 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) विषय के साथ मनाया जा रहा है, जो सभी आयु वर्गों में स्वास्थ्य और कल्याण को समर्थन देने में योग की भूमिका को रेखांकित करता है।
United Nations की जानकारी के अनुसार, स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग को एक मूल्यवान अभ्यास माना जाता है, क्योंकि यह उन महत्वपूर्ण शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को बनाए रखने में मदद करता है, जो व्यक्तियों को बढ़ती उम्र में भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से जुड़ा रहने में सक्षम बनाती हैं।
योग की वैश्विक लोकप्रियता को मान्यता देते हुए, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर, 2014 को एक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को International Yoga Day घोषित किया था।
इस दिवस का उद्देश्य योगाभ्यास के अनेक लाभों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। इस आयोजन की स्थापना संबंधी प्रस्ताव भारत द्वारा प्रस्तुत किया गया था और इसे रिकॉर्ड 175 सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था।
इस प्रस्ताव को सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने United Nations General Assembly के 69वें सत्र के उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन के दौरान प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा था, "योग हमारी प्राचीन परंपरा की अमूल्य देन है। योग मन और शरीर, विचार और कर्म की एकता का प्रतीक है।"
उन्होंने आगे कहा था कि योग केवल व्यायाम नहीं है; यह स्वयं, विश्व और प्रकृति के साथ एकात्मता की अनुभूति करने का एक माध्यम है।
प्रस्ताव में यह भी रेखांकित किया गया है कि "व्यक्तियों और समाजों के लिए स्वस्थ विकल्प अपनाना तथा ऐसी जीवनशैली का अनुसरण करना महत्वपूर्ण है, जो अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हो।"
International Yoga Day आज भी दुनिया भर में शारीरिक फिटनेस, सजगता (माइंडफुलनेस) और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है।
(Input from DD News)
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