IMD । Delhi-NCR । El Nino । WMO: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में एक हफ़्ते तक बारिश और आंधी-तूफान का लगाया अनुमान

IMD । Delhi-NCR । El Nino । WMO: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में एक हफ़्ते तक बारिश और आंधी-तूफान का लगाया अनुमान

नई दिल्लीः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आगामी एक सप्ताह तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि राष्ट्रीय राजधानी में 5 जून तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा।

मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम था। पिछले कुछ दिनों से अपेक्षाकृत सुहावने मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत प्रदान की है।

IMD के आंकड़ों के अनुसार, शहर के कई मौसम निगरानी केन्द्रों पर तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। आयानगर में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सफदरजंग में अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा। लोधी रोड में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस, पालम में 35.9 डिग्री सेल्सियस और द रिज में 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सभी तापमान इस समय के सामान्य तापमान से 2.5 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम रहे।

इस बीच, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने मंगलवार को कहा कि उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्री जल के असामान्य रूप से गर्म होने के कारण El Nino की परिस्थितियां विकसित हो रही हैं और आने वाले महीनों में इनके वैश्विक तापमान तथा वर्षा पैटर्न को प्रभावित करने की संभावना है। इससे चरम मौसमीय घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।

WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने जिनेवा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें संभावित रूप से एक शक्तिशाली एल नीनो घटना के लिए तैयार रहना होगा, जो सूखे और भारी वर्षा की स्थितियों को और गंभीर बना सकती है तथा भूमि और महासागरों दोनों में हीटवेव के जोखिम को बढ़ा सकती है।

साउलो ने कहा कि 2023-24 के दौरान घटित हालिया El Nino घटना रिकॉर्ड पर दर्ज पांच सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक थी और शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, इसने वर्ष 2024 में वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड तापमान दर्ज होने में योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएमओ समुदाय आने वाले महीनों में मौसम की परिस्थितियों पर करीबी नजर रखेगा ताकि सरकारों, मानवीय सहायता एजेंसियों और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उनके अनुसार, अग्रिम मौसमी पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां लोगों की जान बचाने तथा एल नीनो के प्रभाव को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

(Input from DD News)

 

Sanjay Sharan

Sanjay Sharan

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Comments ( 0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to comment!