विश्व । फ्रांस का शहर एवियन में आज से शुरू होने वाले 52वें G-7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बैठक एक महत्वपूर्ण सकारात्मक घटनाक्रम के साथ शुरू हो रही है, क्योंकि अमेरिका और ईरान ने अपने 107 दिनों तक चले युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है और Hormuz Strait को फिर से खोल दिया है। यह संकीर्ण समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग पाँचवें हिस्से के परिवहन के लिए उपयोग किया जाता है। फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और इटली सहित जी-7 देशों के नेताओं ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है। फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि Hormuz Strait को तत्काल प्रभाव से खोलना तथा नौवहन की बिना शर्त और निर्बाध स्वतंत्रता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
इस बीच, एवियन, जिनेवा और लेक जिनेवा क्षेत्र को जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए एक आभासी सुरक्षा किले में बदल दिया गया है। यह Summit बुधवार तक जारी रहेगा। सम्मेलन स्थल के आसपास पूरे क्षेत्र को रेड और ब्लू ज़ोन में विभाजित किया गया है तथा प्रवेश को क्यूआर-कोड आधारित व्यवस्था के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज बाद में G-7 देशों के नेताओं का औपचारिक स्वागत करेंगे। इन देशों में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं, साथ ही European Council तथा European Commission यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे। भारत, ब्राज़ील, दक्षिण कोरिया, केन्या और मिस्र को साझेदार देशों के रूप में शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। यूक्रेन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को भी सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है।
फ्रांसीसी अध्यक्षता के तहत आयोजित इस वर्ष के G-7 शिखर सम्मेलन ने कुछ प्रमुख प्राथमिकताओं को निर्धारित किया है। व्यापक रूप से इनमें अत्यधिक व्यापक आर्थिक असंतुलनों को कम करना, साझा विकास को बढ़ावा देना तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को नया स्वरूप देना शामिल है। इस Summit में महत्वपूर्ण एवं खनिज मूल्य श्रृंखलाओं की मजबूती बढ़ाने, ऑनलाइन माध्यमों में नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रमुख भू-राजनीतिक संकटों के समाधान पर भी चर्चा होने की संभावना है।
PM नरेन्द्र मोदी कल एवियन पहुँचेंगे और शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर इस फ्रांसीसी शहर की यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे PM नरेन्द्र मोदी को उन मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ संवाद करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा जो केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
उल्लेखनीय है कि यह जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की तेरहवीं भागीदारी होगी और प्रधानमंत्री की लगातार सातवीं भागीदारी होगी। जी-7 शिखर सम्मेलनों में भारत की नियमित भागीदारी वैश्विक शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में नई दिल्ली की भूमिका और योगदान की बढ़ती वैश्विक मान्यता को दर्शाती है।
(Input from News on Air)
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