नई दिल्लीः श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ संयुक्त रूप से एक बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य भारत के Exporters, Importers तथा Port Authorities के साथ सीधे संवाद स्थापित करना था।
सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में श्री गोयल ने कहा कि सरकार ‘पूरे शासन’ दृष्टिकोण के तहत भारतीय व्यापारियों को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए चिंताओं के समाधान और अवसरों के सृजन हेतु समन्वित तथा समयबद्ध कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को आगे बढ़ाने के लिए निर्बाध, दक्ष, उत्तरदायी और भविष्य के लिए तैयार व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य किया है।
Ministry of Ports, Shipping and Waterways ने बताया कि बैठक में कंटेनरों की बेहतर आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया गया, क्योंकि खाड़ी देशों के लिए भेजे जाने वाले कंटेनरों को भी जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण की ओर पुनर्निर्देशित किया गया है। बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने वैश्विक परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा की और व्यापार समुदाय के लिए निर्बाध व्यापार सुविधा सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
श्री सोनोवाल ने कहा कि सरकार कारोबार सुगमता बनाए रखने के लिए बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स प्रणालियों में समन्वित तथा सक्रिय कदम उठा रही है।
Ministry of Ports, Shipping and Waterways ने बताया कि व्यापार हितधारकों को राहत प्रदान करने के लिए इंटर-टर्मिनल रेलवे हैंडलिंग ऑपरेशन शुल्क तथा परिवहन माध्यम परिवर्तन शुल्क को माफ कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण ने टर्मिनलों पर दबाव कम करने और माल निकासी में तेजी लाने के लिए कई परिचालन हस्तक्षेप लागू किया है।
मंत्रालय के अनुसार, रेलवे साइडिंग से सुसज्जित निकटवर्ती कंटेनर फ्रेट स्टेशनों तक भी कंटेनरों को रेल मार्ग से भेजा गया, जबकि प्रसंस्करण समय कम करने के लिए डबल कंटेनरों की एक साथ स्कैनिंग की व्यवस्था भी शुरू की गई है।
(Input from News on Air)
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