Central Minister । UP । CM । RMC:  केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रीजनल मेट्रोलॉजिकल सेंटर का किया उद्घाटन

Central Minister । UP । CM । RMC:  केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रीजनल मेट्रोलॉजिकल सेंटर का किया उद्घाटन

लखनऊः केद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि पिछले एक दशक में मौसम पूर्वानुमान और अवलोकन प्रणालियों में हुई प्रगति ने नागरिकों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, किसानों, पर्यटकों तथा विमानन क्षेत्र को मौसम सेवाएं प्रदान करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।

Central Minister ने आज उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ के साथ लखनऊ में नए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के मौसम विज्ञान अवसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे देशभर में अधिक सटीक, स्थान-विशिष्ट और प्रभाव-आधारित मौसम पूर्वानुमान सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Central Minister ने बताया कि वर्ष 2014 में भारत में केवल 17 डॉप्लर मौसम रडार थे, जबकि जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में एक भी रडार उपलब्ध नहीं था। उन्होंने जानकारी दी कि अब यह नेटवर्क बढ़कर 50 डॉप्लर मौसम रडार तक पहुंच गया है और मिशन मौसम के तहत 50 और रडार स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे अगले दो वर्षों में कुल रडारों की संख्या लगभग 100 हो जाएगी।

UP का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य की भौगोलिक विविधता और जलवायु परिवर्तनशीलता इसे उन्नत मौसम विज्ञान सेवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बनाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बाढ़, सूखा, लू, आंधी-तूफान और अन्य चरम मौसमीय घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, इसलिए समय पर पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियां जन सुरक्षा और आपदा तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में राज्य में केवल एक डॉप्लर मौसम रडार था, जबकि अब तीन रडार संचालित हैं और कई अन्य स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य में स्वचालित मौसम केंद्रों की संख्या 59 से बढ़कर 107 हो गई है, स्वचालित वर्षामापी केन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 140 हो गई है, तथा बिजली गिरने का पता लगाने वाले सेंसरों की संख्या 0 से बढ़कर 7 हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि अब उत्तर प्रदेश के ग्यारह हवाई अड्डों पर विमानन मौसम विज्ञान सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जो राज्य में विमानन अवसंरचना के बढ़ते विस्तार को दर्शाती हैं।

लखनऊ मौसम विज्ञान वेधशाला की स्थापना वर्ष 1894 में की गई थी। वर्ष 1972 में इसे अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में स्थानांतरित कर लखनऊ मौसम विज्ञान केन्द्र के रूप में स्थापित किया गया। वर्तमान में लखनऊ मौसम विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अधीन कार्य करता है।

यह उन्नयन इस क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण मौसमीय परिस्थितियों, विशेष रूप से घनी आबादी वाले गंगा के मैदानी क्षेत्रों और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए सतत निगरानी, मौसम पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी सेवाओं की क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

(Input from News on Air)

Sanjay Sharan

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