नई दिल्लीः Ayush Ministry ने अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक आयोजित कर International Yoga Day (IYD) 2026 की तैयारियों की रूपरेखा तय की, जिसमें अधिकारियों ने भारत और विश्व स्तर पर भागीदारी बढ़ाने के लिए समन्वित रणनीति प्रस्तुत की।
यह बैठक आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों, योग संस्थानों तथा प्रमुख योग साधकों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर 21 जून को मनाए जाने वाले इस वार्षिक कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की।
श्री जाधव ने कहा कि योग एक “जन आंदोलन” के रूप में विकसित हो चुका है, जो स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। उन्होंने IYD 2026 के 50-दिवसीय काउंटडाउन से जुड़े हालिया कार्यक्रमों में बढ़ती जनभागीदारी का उल्लेख करते हुए “पूरे-सरकार तथा पूरे-समाज” दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, ताकि व्यापक पहुंच और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
Central Minister ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से कॉमन योग प्रोटोकॉल में भागीदारी बढ़ाने, योग को स्कूलों, कार्यस्थलों और स्वास्थ्य प्रणालियों में शामिल करने तथा ग्रामीण, दूरस्थ तथा वंचित क्षेत्रों में इसकी पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग तथा इनके निर्धारित गतिविधियों के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
श्री जाधव ने कहा कि 2015 में शुरू होने के बाद से International Yoga Day 190 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है, जो शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साधन के रूप में योग को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) श्री सिबी जॉर्ज ने कहा कि विदेशों में भारत के मिशन साझेदारी तथा सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से वैश्विक समारोहों का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि योग स्वास्थ्य और आंतरिक संतुलन को बढ़ावा देने के साधन के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार स्वीकार्यता प्राप्त कर रहा है।
Central Minister जापान में आयुष मंत्रालय और हार्टफुलनेस के सहयोग से चलाए गए छह माह के योग अभ्यास कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए वैश्विक स्तर पर बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया।
आयुष सचिव श्री राजेश कोटेचा ने योग को भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि यह अब एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद विश्व भर में उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ी है।
एस-व्यासा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री एच.आर. नागेंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष आईडीवाई कार्यक्रमों में 26 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया था और इस वर्ष यह संख्या 30 करोड़ से अधिक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि शोध से यह सिद्ध हो रहा है कि योग समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों के प्रबंधन में सहायक है।
मोक्षायतन इंटरनेशनल योगाश्रम के स्वामी भारत भूषण ने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह समग्र कल्याण को बढ़ाने में सक्षम है।
अधिकारियों ने 2026 के लिए प्रस्तावित गतिविधियों और प्रसार रणनीतियों की भी समीक्षा की, जिसमें युवाओं की भागीदारी, डिजिटल माध्यम से जुड़ाव तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों के साथ समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया।
भारत द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 12वें संस्करण की तैयारी पर Ayush Ministry ने बताया कि बैठक के निष्कर्ष सभी हितधारकों के बीच समन्वित कार्रवाई का मार्गदर्शन करेंगे साथ ही इसके माध्यम से समावेशिता और वैश्विक भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
(Input from News on Air)
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