नई दिल्लीः BRICS सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और उसे अधिक प्रभावी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के परिणाम दस्तावेज में कहा गया कि सदस्य देशों ने एक न्यायसंगत, वैध, लोकतांत्रिक तथा जवाबदेह अंतरराष्ट्रीय तथा बहुपक्षीय व्यवस्था को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में बढ़ता ध्रुवीकरण एवं अविश्वास अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता को बढ़ाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन चुनौतियों और उनसे जुड़े सुरक्षा के खतरों का राजनीतिक एवं कूटनीतिक उपायों के माध्यम से समाधान करने का आह्वान किया, ताकि संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सके।
मंत्रियों ने संघर्षों के मूल कारणों को संबोधित करते हुए संघर्ष-निवारण प्रयासों में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने Climate Change जैसी चुनौतियों से निपटने हेतु बहुपक्षवाद को आवश्यक को स्वीकारते हुए इस व्यवस्था को मजबूती से बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मंत्रियों ने जलवायु तथा आपदा जोखिमों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचा प्रणालियों की मजबूती बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सभी देशों के जहाजों के नौवहन अधिकारों एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
मंत्रियों ने नवाचार को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने, विशेष रूप से इंडस्ट्री 4.0 से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) के बीच BRICS के भीतर पहल और आदान-प्रदान के माध्यम से गहरे जुड़ाव को प्रोत्साहित करने में BRICS अर्थव्यवस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
मंत्रियों ने वैश्विक स्वास्थ्य पहलों में बढ़ते सहयोग का स्वागत किया और मजबूत सहयोग एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से समान, सुलभ तथा मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने कंटिजेंट रिजर्व अरेंजमेंट (CRA) को और मजबूत करने का आह्वान किया तथा इसके संचालन में नए सदस्यों की अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया। मंत्रियों ने उन नए BRICS सदस्य देशों की भागीदारी की सराहना की जिन्होंने CRA में शामिल होने में रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि देशों की परिस्थितियों के अनुसार स्वैच्छिक आधार पर उन्हें शामिल करने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।
मंत्रियों ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में BRICS “मानवता और लोगों को केन्द्र में रखने” के दृष्टिकोण के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को और मजबूत करेगा।
नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव श्री सुधाकर दलेला ने कहा कि सभी BRICS सदस्य और साझेदार देश भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं की सराहना तथा समर्थन कर रहे हैं।
भारत की अध्यक्षता का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है।
उन्होंने कहा कि BRICS सदस्य देशों ने सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संबंधों जैसे BRICS के तीनों प्रमुख स्तंभों पर चर्चा के दौरान लगभग सभी मुद्दों पर साझा सहमति पर मुहर लगाया।
(Input from News on Air)
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