नई दिल्लीः सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद इस वर्ष अक्षय तृतीया पर मांग स्थिर बनी हुई है। इसके पीछे सांस्कृतिक महत्व, सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की भूमिका और बदलते निवेश रुझान प्रमुख कारण हैं।
Akshaya Tritiya, जो भारत परंपरा के अनुसार सोना खरीदने का सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक माना जाता है, इस बार भी कीमती धातुओं की मांग को मजबूती दे रही है, जबकि कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इस वर्ष यह रुझान केवल परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि उपभोक्ता अब सोना खरीदने के तरीके में बदलाव ला रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मांग में मजबूती का कारण सांस्कृतिक परंपरा, बदलता उपभोक्ता व्यवहार एवं वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने का सुरक्षित निवेश विकल्प होना है।
भारत पे यूपीआई भी इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए 14 अप्रैल से 19 अप्रैल, 2026 तक ‘अक्षय तृतीया गोल्ड महोत्सव’ अभियान शुरू किया है। इसमें डिजिटल गोल्ड खरीद पर रिवॉर्ड्स, जैकपॉट एंट्री और गोल्डबैक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म सोने में निवेश को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास में जुटा है।
सचिन जैन, रीजनल सीईओ, इंडिया, World Gold Council, ने कहा कि Akshaya Tritiya भारत का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड-बाइंग फेस्टिवल है और समृद्धि व दीर्घकालिक मूल्य का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कीमतों में 14-16% तक वृद्धि के बावजूद मांग मजबूत बनी हुई है। हालिया भू-राजनीतिक तनावों ने सोने की सुरक्षित निवेश छवि को और मजबूत किया है, हालांकि स्थिरता और हल्के सुधार के दौर खुदरा निवेशकों के लिए संतुलित प्रवेश बिंदु प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पारंपरिक आभूषणों की मांग अभी भी बाजार का आधार है, लेकिन उपभोक्ताओं की रुचि अब हल्के और अधिक किफायती विकल्पों की ओर बढ़ रही है।
इसी प्रवृत्ति पर समित गुहा, प्रबंध निदेशक और सीईओ, MMTC-PAMP ने कहा कि कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद मांग घटी नहीं है, बल्कि बदली है। उनके अनुसार, उपभोक्ता अब हल्के आभूषणों, उच्च शुद्धता वाले सिक्कों और बार्स की ओर झुक रहे हैं, जहां मूल्य सीधे धातु की मात्रा से जुड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि निवेश आधारित मांग भी लगातार बढ़ रही है। डिजिटल गोल्ड, Gold ETF तथा Silver ETF में निरंतर निवेश आ रहा है, क्योंकि खुदरा और संस्थागत निवेशक कीमती धातुओं को विविधीकृत पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहे हैं।
चांदी की मांग भी बढ़ रही है, क्योंकि इसका उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में तेजी से बढ़ रहा है। इससे पारंपरिक निवेश मांग के अलावा संरचनात्मक मांग भी मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में वैश्विक मुद्रा उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि केंद्रीय बैंकों की खरीद और सुरक्षित निवेश मांग जैसे कारक बाजार को समर्थन देते रहेंगे।
Akshaya Tritiya के लिए दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय उपभोक्ता अब इन खरीदों को केवल उत्सव नहीं, बल्कि संपत्ति संरक्षण के दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं। यही कारण है कि बढ़ती कीमतों के बावजूद सोने की मांग स्थिर बनी हुई है।
Akshaya Tritiya 2026: शुभ उत्सव एवं दिन
Akshaya Tritiya वर्ष 2026 में रविवार, 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। Drik Panchang के अनुसार पूजा का सबसे शुभ समय सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा, जिसकी अवधि 1 घंटा 32 मिनट है।
तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे प्रारंभ होगी और 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे समाप्त होगी।
इस दिन सोना या चांदी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दीर्घकालिक समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। लोग नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण खरीदारी के लिए भी इस दिन को अत्यंत शुभ मानते हैं।
(Input from Up Stocks)
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