नई दिल्ली । Iran के विधिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने आज घोषणा की कि तेहरान ने USA के साथ हाल ही में हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। उन्होंने अमेरिका पर इस समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
ईरानी मीडिया के अनुसार, ग़रीबाबादी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता चल रही थी, लेकिन USA ने कथित रूप से आक्रामक कार्रवाई करके एमओयू के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन किया। उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने व्यावहारिक रूप से अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया और उन्हें निलंबित कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब USA और Iran ने आज एक-दूसरे पर नए हमले किए और Strait of Hormuz को लेकर संघर्ष और तेज हो गया। सबसे अधिक नुकसान कुवैत में हुआ, जहां ईरानी हमलों में एक जल विलवणीकरण संयंत्र और एक तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए और बिजली उत्पादन बाधित हो गया। यह लगातार दो दिनों में किसी जल विलवणीकरण संयंत्र पर दूसरा हमला था, जिससे उस देश में गंभीर चिंता पैदा हो गई है, जहां पीने के पानी की लगभग 90 प्रतिशत आवश्यकता विलवणीकरण के माध्यम से पूरी होती है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें महत्वपूर्ण नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने वाली Iran की जघन्य आक्रामक कार्रवाई बताया और Iran पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि आज सुबह किए गए उसके ताज़ा हमलों में Iran के निगरानी ठिकानों, सैन्य रसद अवसंरचना, भूमिगत हथियार भंडारण स्थलों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में USA हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें कल एक पुल पर हुए हमले में मारे गए आठ लोग भी शामिल हैं। अंतरिम युद्ध विराम के टूटने के बाद से यह संघर्ष लगातार Strait of Hormuz के इर्द-गिर्द केन्द्रित होता जा रहा है।
(Input from News on Air)
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