नई दिल्ली । दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार ने आज नई दिल्ली में भारत के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (TMZ) के प्रथम चरण की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया। यह क्षेत्र मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दूरसंचार उपकरणों और उनसे संबंधित प्रौद्योगिकियों के लिए विश्व स्तरीय विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
यह समझौता स्वदेशी दूरसंचार विनिर्माण को बढ़ावा देगा, निवेश आकर्षित करेगा, रोजगार के अवसर सृजित करेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारत की यात्रा को सशक्त बनाएगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता मजबूत होगी और भारत दूरसंचार विनिर्माण तथा नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर Union Minister of Communications ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस समझौते पर हस्ताक्षर PM नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विज़न को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, विश्वास और नवाचार पर आधारित इस नई सोच के माध्यम से भारत आत्मविश्वास के साथ अपनी तकनीकी क्षमता को विश्व के सामने प्रस्तुत कर रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने कहा कि यह पहल अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के डिजाइन, उत्पादन और वैश्विक निर्यात के प्रमुख केन्द्र के रूप में राज्य को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी पारंपरिक क्षमताओं से आगे बढ़ते हुए लगातार एक औद्योगिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य अब विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रणनीतिक अवसंरचना के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी के साथ-साथ केन्द्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार तथा दूरसंचार क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और हितधारक भी उपस्थित थे।
(Input from News on Air)
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