नई दिल्ली । PM नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि भारत 2026 BRICS की अध्यक्षता संभालने की तैयारी कर रहा है और वह सुरक्षित, लचीले, न्यायसंगत और सतत वैश्विक ऊर्जा भविष्य के केन्द्र में Global South को रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
PM ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केन्द्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा करते हुए कहा कि भारत का मानना है कि मजबूत घरेलू नीतियों और गहरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संयोजन से लचीली ऊर्जा प्रणालियों का निर्माण किया जा सकता है।
PM मोदी ने कहा कि जैसे ही भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा, Union Minister मनोहर लाल खट्टर लिखते हैं कि भारत सुरक्षित, लचीले, न्यायसंगत और सतत वैश्विक ऊर्जा भविष्य के केन्द्र में Global South को रखने का प्रयास करेगा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह लेख लचीली ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण में मजबूत घरेलू नीति ढांचे को पूरक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने के भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
अपने लेख में खट्टर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, जिससे आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सहयोग और नवाचार आवश्यक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी BRICS अध्यक्षता का उपयोग इस साझा दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में बदलने के लिए करेगा, जिसमें सार्वभौमिक ऊर्जा पहुंच, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, प्रौद्योगिकी, नवाचार और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना शामिल है।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि देश ने बिजली पहुंच का विस्तार किया है, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि की है और अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्य से पहले ही गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 50 प्रतिशत से अधिक स्थापित बिजली क्षमता हासिल कर ली है।
खट्टर ने कोयला गैसीकरण, हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और विद्युत पारेषण नेटवर्क के विस्तार के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर और इंडिया एनर्जी स्टैक सहित डिजिटल प्रौद्योगिकियां देश के बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि BRICS देशों की पूरक शक्तियां सुरक्षित, लचीली और सतत ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण में मदद कर सकती हैं, साथ ही मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से Global South के हितों को आगे बढ़ा सकती हैं।
(Input from DD News)
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