नई दिल्ली । देश में वर्तमान और भविष्य की देखभाल सेवाओं की मांग को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं (केयरगिवर्स) का एक मजबूत समूह विकसित करने की आवश्यकता बढ़ रही है। साथ ही Indian caregiving professionals के लिए उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने की भी जरूरत है। यह बात नीति आयोग की एक नई रिपोर्ट में कही गई है।
रिपोर्ट में देखभालकर्ताओं को देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र (care ecosysem ) के केन्द्र में रखा गया है और देखभाल कार्य को एक कुशल, सम्मानजनक और मूल्यवान पेशे के रूप में मान्यता दी गई है। इसमें देखभाल की गुणवत्ता में सुधार, पेशेवर मान्यता को मजबूत करने, कार्यबल कल्याण को बढ़ाने, संस्थागत समर्थन प्रदान करने तथा परिवारों और समुदायों को विश्वसनीय और किफायती देखभाल सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
NITI Aayog के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि देखभालकर्ताओं की बढ़ती वैश्विक मांग भारत के लिए पारंपरिक देखभाल सेवाओं में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने, महत्वपूर्ण आर्थिक मूल्य सृजित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, देखभालकर्ताओं की मान्यता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने तथा भारत की सांस्कृतिक और ज्ञान-आधारित सॉफ्ट पावर को सुदृढ़ करने का एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करती है।
उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट संस्थागत समन्वय को मजबूत करने, पारिवारिक और पेशेवर दोनों प्रकार के देखभालकर्ताओं को सशक्त बनाने तथा भारत को कुशल देखभाल सेवाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करती है।
रिपोर्ट में भारत के देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र का विवरण दिया गया है और एक संगठित, पेशेवर, सुलभ तथा भविष्य के लिए तैयार देखभाल प्रणाली के निर्माण के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।
NITI Aayog के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम के अनुसार, ‘सेवा’ और ‘संवेदना’ हमेशा से भारत की सभ्यतागत विरासत के मूल में रही हैं और देखभाल कार्य इन शाश्वत मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र सामाजिक समावेशन को सुदृढ़ करेगा, अधिक संवेदनशील समाज के निर्माण को बढ़ावा देगा, समुदायों को सशक्त बनाएगा, गुणवत्तापूर्ण आजीविका के अवसर पैदा करेगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
रिपोर्ट में अपनी सिफारिशों को कई रणनीतिक स्तंभों के आधार पर व्यवस्थित किया गया है, जिनमें नीति निर्माण, देखभालकर्ताओं की पेशेवर मान्यता, कार्यबल विकास, वैश्विक सहयोग, सामाजिक सुरक्षा तथा परिवार और समुदाय आधारित देखभाल शामिल हैं।
नीति आयोग ने कहा कि रिपोर्ट में राष्ट्रीय देखभाल नीति (National Policy on Caregiving) और राष्ट्रीय देखभालकर्ता परिषद (National Caregiver Council) की स्थापना के माध्यम से एक संगठित और पेशेवर देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का रोडमैप भी प्रस्तावित किया गया है।
(Input from DD News)
Comments ( 0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to comment!