भोपाल । CM डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और Director General of police कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में MP Police द्वारा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
अभियान के सातवें दिन प्रदेशभर में जनभागीदारी के साथ स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, औद्योगिक इकाइयों, धार्मिक स्थलों, हाट-बाजारों, बस स्टैंडों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया।
अभियान के तहत चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, रंगोली और निबंध प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, जागरूकता रैलियां, जनसंवाद, शपथ ग्रहण, डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। इंदौर कमिश्नरेट में तीन जागरूकता रथ, 25 एलईडी स्क्रीन और 60 बड़े बिलबोर्ड के जरिए लगातार नशा मुक्ति संदेश प्रसारित किए गए।
शैक्षणिक संस्थानों में पेंटिंग, कविता, निबंध, स्लोगन, रंगोली और ओपन माइक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं सोशल मीडिया रील्स, पॉडकास्ट और मोहल्ला समिति बैठकों के माध्यम से अभियान को डिजिटल और सामुदायिक स्तर पर भी प्रभावी बनाया गया। खंडवा में पुलिस ने 28 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। संयुक्त बाइक रैली निकालकर नागरिकों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया, जबकि स्कूलों, छात्रावासों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और ओंकारेश्वर सहित विभिन्न स्थानों पर जनसंवाद कार्यक्रम हुए।
खरगोन में विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाई गई। डायल-112 वाहनों से ऑडियो जिंगल प्रसारित किए गए और नगर निगम की एलईडी स्क्रीन पर लगातार नशामुक्ति संदेश चलाए गए। व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ा गया। अलीराजपुर में स्थानीय आदिवासी संस्कृति और बोली के माध्यम से हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जबकि अनूपपुर में स्कूलों और महाविद्यालयों में पेंटिंग प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैलियां और सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित हुए।
उज्जैन पुलिस प्रशिक्षण शाला ने भैरूगढ़ केन्द्रीय जेल में 300 कैदियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर अपराध और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं आरएपीटीसी इंदौर ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को सम्मानित किया। इसके अलावा आगर-मालवा, अशोकनगर, उमरिया, कटनी, विदिशा, इंदौर ग्रामीण सहित कई जिलों में विद्यालयों, ग्राम सभाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार अपनाते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाया। MP Police का कहना है कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल कानून प्रवर्तन का अभियान नहीं, बल्कि नशामुक्त, स्वस्थ तथा सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए समाज की सहभागिता से चलाया जा रहा व्यापक जन जागरूकता अभियान है। सरकार और प्रशासन ने आश्वस्त किया कि आगामी दिनों में भी प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।
(Input from PB Shabd)
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