नई दिल्ली । औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आधार पर मापी जाने वाली भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि इस वर्ष मई में वार्षिक आधार पर 5.1 प्रतिशत बढ़ी है। मई का यह आंकड़ा अप्रैल की 4.9 प्रतिशत औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के बाद आया है, जो 2022-23 को नए आधार वर्ष के रूप में अपनाते हुए संशोधित IIP श्रृंखला के तहत पहला जारी किया गया आंकड़ा था, जिसमें अद्यतन उत्पाद टोकरी, संशोधित भार और व्यापक क्षेत्रीय कवरेज को शामिल किया गया है।
Ministry of Statistics and Programme Implementation द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने बिजली तथा गैस आपूर्ति क्षेत्र में वृद्धि 9.9 फीसदी रही। विनिर्माण तथा जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों में 5.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, खनन और उत्खनन क्षेत्र पिछड़ गया और इसमें 1.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
मई के आंकड़ों के साथ, Ministry of Statistics and Programme Implementation ने यह भी घोषणा की कि उसने 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए नई IIP श्रृंखला के लिए अपस्फीतिकारक (डिफ्लेटर) के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के स्थान पर आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) को अपनाया है। मंत्रालय ने इस महीने की 1 तारीख को जारी डब्ल्यूपीआई-आधारित श्रृंखला को प्रतिस्थापित करते हुए पूरे 2022-23 आधारित IIP श्रृंखला को आउटपुट PPI का उपयोग कर संशोधित किया है।
Ministry of Statistics and Programme Implementatio ने कहा कि यह कदम वास्तविक औद्योगिक उत्पादन के अनुमान में सुधार करेगा, क्योंकि आउटपुट PPI उन उत्पादों के लिए उत्पादक कीमतों का अधिक विस्तृत माप प्रदान करता है, जिनका उत्पादन मूल्य के रूप में रिपोर्ट किया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि इसका अपनाया जाना अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रेक्टिसेस और IIP आधार संशोधन पर तकनीकी सलाहकार समिति की सिफारिशों के अनुरूप है तथा इससे राष्ट्रीय खातों में PPI-आधारित मात्रा अनुमान पद्धतियों को अंततः अपनाने में सुविधा मिलेगी।
(Input from News on air)
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