नई दिल्ली । Indo-Israel द्विपक्षीय निवेश समझौता आज से औपचारिक रूप से लागू हो गया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देने, निवेशकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत सरकार और इज़रायल सरकार ने इस समझौते पर 8 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए थे। अब इसके प्रभावी होने के साथ दोनों देशों के निवेशकों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी निवेश वातावरण उपलब्ध होगा। Ministry of Finance के आर्थिक कार्य विभाग के अनुसार, यह समझौता निवेश और निवेशकों के अधिकारों की मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
यह समझौता आधुनिक अंतरराष्ट्रीय निवेश कानून के सिद्धांतों और विकसित हो रहे वैश्विक न्यायिक दृष्टिकोण के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य निवेशकों का विश्वास बढ़ाना और निवेश संबंधी विवादों की संभावना को कम करना है। सरकार का मानना है कि इस समझौते के लागू होने से भारत और इज़राइल के बीच सीमा-पार निवेश में वृद्धि होगी।
इससे प्रौद्योगिकी, रक्षा, कृषि, नवाचार, स्टार्टअप, साइबर सुरक्षा, जल प्रबंधन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत और इज़राइल के आर्थिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं।
ऐसे समय में जब दोनों देश व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, तब यह Bilateral Investment Agreement दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।
(Input from PB Shabd)
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