डीएआरई के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में राष्ट्रीय खाद्य एवं इनपुट सुरक्षा के लिए व्यापक रूपरेखा की गई प्रस्तुत
नई दिल्ली: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कृषि क्षेत्र के लिए उभरती वैश्विक चुनौतियों का सक्रियरूप से समाधान करने और शमन रणनीतियों को तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है। डीएआरई के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में राष्ट्रीय खाद्य और इनपुट सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई:
'मेरा गाँव मेरा गौरव' (एमजीएमजी) अभियान का सुदृढ़ीकरण:
किसानों तक पहुंच बढ़ाने के लिए एमजीएमजी अभियान के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस पहल के तहत 100 महत्वाकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी और मौजूदा संगठनात्मक ढाँचों का उपयोग करते हुए किसानों को व्यापक पद्धतियाँ प्रदान की जाएँगी तथा जमीनी स्तर पर उनका विश्वास बढ़ाया जाएगा।
मृदा स्वास्थ्य और उर्वरक उपयोग को अनुकूलित करना:
उर्वरकों और जैव-उपकरणों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें गेहूं और चावल जैसी प्रमुख फसलों में उर्वरक खपत को युक्तिसंगत बनाने और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जिलेवार मूल्यांकन शामिल है।
विविधीकरण और क्षेत्र मानचित्रण:
भूमि उपयोग दक्षता को अनुकूलित करने के लिए बाजरा उत्पादक क्षेत्रों का विस्तृत मानचित्रण किया जा रहा है। इस रणनीति में खरीफ मौसम के दौरान किसानों की आय बढ़ाने के लिए कम उत्पादकता वाले चावल क्षेत्रों में उच्च मूल्य वाले विकल्पों को बढ़ावा देना शामिल है, जैसे कि पर्यावरण-अनुकूल मत्स्य पालन का एकीकरण।
तकनीकी और यांत्रिक हस्तक्षेप:
धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) सहित यांत्रिक समाधानों पर जोर दिया जा रहा है, जिसे वास्तविक समय में किसानों को सलाह देने के लिए मौसम विज्ञान पर एक मजबूत एआईसीआरपी द्वारा समर्थित किया जा रहा है।
शासन और निगरानी:
कार्य के त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक विषय-वस्तु प्रभाग (एसएमडी) के भीतर नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है, ताकि वे साप्ताहिक प्रगति की निगरानी कर सकें और प्रमुख क्षेत्रों में एक समेकित कार्य-योजना का समन्वय कर सकें।
विशेष कार्य बल स्थिति की मांग के अनुसार बैठक करेगा, और संस्थागत फ़ीडबैक तंत्रों तथा आंतरिक विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए सरकार को डेटा-आधारित इनपुट प्रदान करेगा।
(Input from PIB)
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