नई दिल्लीः सरकार के National Agriculture Market (e‑NAM) डिजिटल मार्केटप्लेस ने देशभर में 1,656 मंडियों को एकीकृत किया है साथ ही 1.80 करोड़ से अधिक किसानों, 2.73 लाख व्यापारियों तथा 4,724 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को पंजीकृत किया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म ने मार्च 2026 तक 10 वर्षों में कुल 13.25 करोड़ मीट्रिक टन कृषि उपज का व्यापार कराया है, जिसकी कुल कीमत 4.84 लाख करोड़ रुपये रही है।
इसके अलावा, सरकार मंडियों के बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल प्रणाली से जुड़ाव को मजबूत करने तथा बाजार की समग्र दक्षता बढ़ाने के लिए प्रति मंडी अधिकतम 75 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हितधारकों की बढ़ती संख्या इस विकास को दर्शाती है।
247 कृषि उत्पादों के लिए मोबाइल आधारित मूल्य जानकारी ई-नाम ऐप अब उपलब्ध कराता है, जिससे किसान समय पर उचित निर्णय ले सकते हैं।
यह एप तथा पोर्टल कृषि व्यापार की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से किसानों तक जानकारी पहुंचाती है। जिसमें डिजिटल गेट एंट्री, यूनिक पहचान के साथ लॉट निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण (अस्सेइंग), प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन बोली, रियल-टाइम बोली ट्रैकिंग, मूल्य खोज (प्राइस डिस्कवरी) के साथ-साथ किसानों के बैंक खातों में सीधे इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल भुगतान करता हैं।
e-NAM का डिजिटल इकोसिस्टम बहु-स्तरीय संरचना पर आधारित है, जिसमें समर्पित हेल्पलाइन, मानव सहायता प्रणाली और एआई-सक्षम गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली शामिल हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार किसानों को अधिक व्यापक और विविध खरीदारों तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ती है। यह औपचारिक डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाने को भी प्रोत्साहित करता है, जिससे कृषि विपणन प्रणाली में वित्तीय समावेशन और लेन-देन की दक्षता बढ़ती है।
सरकारी सुत्रों के अनुसार इसका बढ़ता नेटवर्क, बाजार एकीकरण को दर्शाता है, जहां 2024 में 1,389 मंडियों से बढ़कर मार्च 2026 तक 1,656 मंडियां जुड़ चुकी हैं। इस प्लेटफॉर्म पर एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता सीधे अपनी समस्याएं और प्रश्न दर्ज कर सकते हैं। यह समेकित सहायता प्रणाली किसानों और पहली बार उपयोग करने वाले लोगों के लिए समय पर समाधान और निरंतर तकनीकी सहायता सुनिश्चित करती है।
(Input From DD News)
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