पटना । CM सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत 19 विशेष न्यायालयों की स्थापना, मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल तथा राजगीर में एक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना शामिल है।
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामलों के त्वरित निपटारे के लिए मंत्रिमंडल ने पश्चिम चंपारण (बेतिया), मधुबनी, भोजपुर (आरा), सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर (भभुआ), कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद तथा लखीसराय में 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी।
इन न्यायालयों के संचालन को समर्थन देने के लिए मंत्रिमंडल ने जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में 171 अराजपत्रित पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की। इस कदम का उद्देश्य मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करना और पीड़ितों के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मंत्रिमंडल ने 16 मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल हैं, को PPP मॉडल के तहत संचालित करने के लिए पटना विमेंस कॉलेज को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार करना है।
मंत्रिमंडल ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना, संचालन और रखरखाव को भी मंजूरी दी। प्रस्तावित उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण एवं चोट प्रबंधन सुविधा में मानव संसाधन प्रबंधन तथा उन्नत खेल विज्ञान उपकरणों की खरीद की व्यवस्था होगी, जिससे खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण और आधुनिक पुनर्वास सहायता प्रदान की जा सकेगी।
सरकार ने यह भी बताया कि राज्य का अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला क्रिकेट स्टेडियम अंतिम चरण में है और निकट भविष्य में वहां अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026 में ‘Har Ghar Tiranga’ अभियान के आयोजन को भी मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना तथा व्यापक जन भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
(Input from DD News)
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